देशभर में NEET पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन चल रहा है। इस बीच गयाजी में बिहार पुलिस रेडियो वायरलेस एग्जाम के दौरान नकल की डील का मामला सामने आया है। बुधवार को गयाजी के 14 एग्जाम सेंटर पर करीब 8 हजार कैंडिडेट्स एग्जाम दे रहे थे। इसी दौरान एक एग्जाम सेंटर से नकल की डील की सूचना पुलिस को मिली। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि मास्टरमाइंड समेत एक अन्य की तलाश की जा रही है।
नकल की सूचना मिलने के बाद गयाजी SSP सुशील कुमार के निर्देश पर रामपुर, सिविल लाइन थाने की पुलिस, एसटीएफ और जिला सूचना इकाई की टीम हाई स्कूल के बाहर पहुंची। पुलिस ने एक संदिग्ध ब्रेजा कार देखी।
पुलिस को देखते ही कार सवार भागने लगे। फिर पुलिस ने कार का पीछा किया और 8 किलोमीटर दूर गांगो बिगहा गांव के पास कार को जब्त किया। पुलिस के मुताबिक, आसपास के लोगों से पूछताछ की गई तो पता चला कि इस कार को शिवम सिंघानिया यूज कर रहा था।
दरअसल, बुधवार को गयाजी में बिहार पुलिस रेडियो वायरलेस परीक्षा चल रही थी। लगभग 8 हजार से अधिक अभ्यर्थी 14 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दे रहे थे। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कासमी हाई स्कूल का बायोलॉजी टीचर दिलशाद अपने साथियों के साथ मिलकर नकल के लिए सौदा कर रहा है। मुखबिर ने पुलिस को बताया कि अभ्यर्थियों से पैसों के बदले एग्जाम से पहले दिलशाद क्वेश्चन पेपर देने की डील कर रहा है।
जानकारी के मुताबिक, दिलशाद बुधवार को छुट्टी पर था। एग्जाम में उसकी तैनाती नहीं थी, लेकिन दिलशाद के गुर्गे एग्जाम सेंटर के बाहर कार में बैठकर नकल की डील की कोशिश कर रहे थे। पुलिस के सामने मुखबिर ने दिलशाद से मोबाइल पर बात की। इसी दौरान पुलिस मोबाइल के लोकेशन को ट्रैक करते हुए एक मकान में पहुंची, जहां दिलशाद बैठा था।
हालांकि, पुलिस को देख दिलशाद वहां से फरार हो गया। पुलिस ने मकान से तीन लोगों को पकड़ा, लेकिन पूछताछ में उनकी संलिप्ता नहीं मिली तो तीनों को छोड़ दिया गया। एग्जाम में नकल की डील की जानकारी के बाद एसएसपी सुशील कुमार खुद कासमी हाई स्कूल पहुंचे। उन्होंने परीक्षा खत्म होने का एक घंटे तक इंतजार किया। एग्जाम सेंटर में कोई फर्जी अभ्यर्थी तो नहीं बैठा है, इसकी जांच के लिए सेंटर पर पुलिस ने करीब 2 घंटे तक जांच पड़ताल की।
एग्जाम खत्म होते ही एसएसपी की मौजूदगी में 267 परीक्षार्थियों की दोबारा बायोमैट्रिक जांच कराई गई। हालांकि, जांच में कोई फर्जी परीक्षार्थी नहीं मिला।
स्कूल में जांच करने के बाद पुलिस की टीम ने रामपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले शिवम सिंघानिया और दिलशाद के ठिकानों पर छापेमारी की। दोनों के ठिकानों पर अलग-अलग अभ्यर्थियों के ओरिजिनल सर्टिफिकेट, मार्कशीट और एडमिट कार्ड बरामद किए गए। इसके अलावा साइन किए हुए ब्लैंक चेक भी मिले।
सूत्रों के मुताबिक, जिन युवकों की डिग्रियां बरामद हुई हैं। उनमें कुछ लोग पहले से सरकारी नौकरी में हो सकते हैं। इसलिए जिला पुलिस इन सभी दस्तावेजों की लिस्ट बनाकर संबंधित सेवा आयोग को भेजने जा रही है।
एसएसपी सुशील कुमार ने कहा कि पेपर लीक नहीं हुआ है। यह सिर्फ पेपर लीक कराने और नकल कराने की एक नाकाम कोशिश थी। इस मामले में एक आरोपी गिरफ्तार है। शिक्षक दिलशाद व शिवम सिंघानिया की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी चल रही है। शिवम के घर से विभिन्न प्रखंड के बीडीओ, सीओ की मुहर भी मिली है।
उधर, कासमी हाई स्कूल के प्रिंसिपल आफताब ने बताया कि दिलशाद पिछले 3-4 सालों से स्कूल में बायोलॉजी का टीचर था। उनके इन हरकतों की कोई जानकारी नहीं थी। अब स्कूल प्रबंधन भी गंभीर है और दिलशाद को नौकरी से निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
