मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने ईरान पर लगातार 11वीं रात हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य और समुद्री क्षमताओं को कमजोर करना तथा हॉर्मुज जलडमरूमध्य में व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने वाली उसकी क्षमता को कम करना है।
सेंटकॉम ने बताया कि हमलों में सैन्य संचालन केंद्रों, ड्रोन और मिसाइल ठिकानों, वायु रक्षा प्रणालियों तथा सैन्य लॉजिस्टिक ढांचे को निशाना बनाया गया। हालांकि अमेरिका ने हमलों के सभी स्थानों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। वहीं ईरान के कई बड़े शहरों में देर रात विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान और तेज किया जा सकता है। दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बताया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। बढ़ते संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई है।
