सांसों की बुनियादी जरूरत और बढ़ते प्रदूषण के बीच फेफड़ों के स्वास्थ्य को लेकर जागरूक करते हुए वर्ल्ड लंग डे पर एक प्रसिद्ध स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने बताया है कि अब बिना किसी महंगे अस्पताल या लंबी लाइनों के सिर्फ एक साधारण गुब्बारे की मदद से घर बैठे फेफड़ों की मजबूती जांची जा सकती है, क्योंकि लोग अक्सर फेफड़ों की अनदेखी तब तक करते हैं जब तक वे धूल-मिट्टी और जहरीले धुएं के कारण अंदर से खोखले न हो जाएं, और इस बैलून टेस्ट को आजमाने के लिए आपको एक नया गुब्बारा लेकर सीधी रीढ़ के साथ कुर्सी पर बैठना होता है, अपनी नाक से सीने में गहरी सांस खींचनी होती है, और बिना बीच में रुके एक ही सांस में अपनी पूरी ताकत से हवा गुब्बारे के अंदर निकालनी होती है, जिसके परिणाम स्वरूप यदि गुब्बारा पहली ही कोशिश में अच्छे आकार में फूल जाए तो फेफड़ों की क्षमता बेहतरीन समझी जाती है, लेकिन अगर पूरी ताकत के बाद भी गुब्बारा छोटा रह जाए, हवा भरने में भारी परेशानी हो या फिर फूंक मारते ही सीने में दर्द, तेज खांसी और चक्कर आने जैसी समस्याएं महसूस हों तो यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आपके फेफड़ों की हवा रोकने की ताकत कम हो रही है और आपको तुरंत अपनी जीवनशैली सुधारते हुए किसी पल्मोनोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए।
