ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के आह्वान पर बुधवार को देशभर में केमिस्ट एवं ड्रगिस्टों की एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल आयोजित की गई। वही जमशेदपुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज छाबड़ा व महासचिव आशीष चटर्जी के नेतृत्व में जमशेदपुर के करीब 1200 दवा दुकानदारों ने इस आंदोलन को पूर्ण समर्थन देते हुए अपनी प्रतिष्ठानें बंद रखीं। जमशेदपुर केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने बताया कि यह हड़ताल अवैध एवं अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री, बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अत्यधिक छूट (डीप डिस्काउंटिंग) जैसी नीतियों के विरोध में की गई। संगठन का कहना है कि इससे छोटे एवं लाइसेंसधारी केमिस्ट गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं।
हड़ताल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित ज्ञापन स्थानीय प्रशासन के माध्यम से सौंपा गया। ज्ञापन में सरकार से GSR 817(E) एवं GSR 220(E) को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की गई है। एसोसिएशन का आरोप है कि इन प्रावधानों का दुरुपयोग विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स ऑपरेटरों द्वारा दवाओं की अनियंत्रित डिलीवरी के लिए किया जा रहा है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि दवाएं सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं हैं और इनकी अनियंत्रित ऑनलाइन बिक्री जन स्वास्थ्य एवं मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रही है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान देशभर के केमिस्टों ने फ्रंटलाइन हेल्थकेयर सपोर्ट प्रदाताओं के रूप में लगातार सेवाएं दीं और दवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की, लेकिन इसके बावजूद अवैध ऑनलाइन गतिविधियों पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
संगठन ने केंद्र सरकार से मरीजों की सुरक्षा, जन स्वास्थ्य तथा लाखों छोटे केमिस्टों और उनके कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। एसोसिएशन के अनुसार जिले और राज्य में आयोजित यह हड़ताल पूरी तरह शांतिपूर्ण रही तथा इसे केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट समुदाय का व्यापक समर्थन मिला। हड़ताल के दौरान आवश्यक एवं आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर मानवीय दायित्व का भी निर्वहन किया गया।
