मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना ने फीफा विश्व कप दो हजार छब्बीस में अपने खिताबी रक्षा अभियान की शुरुआत अल्जीरिया के खिलाफ तीन-शून्य की शानदार और एकतरफा जीत के साथ की है। इस ऐतिहासिक मुकाबले के असली महानायक अर्जेंटीना के महान कप्तान लियोनेल मेसी रहे, जिन्होंने अपने करियर के रिकॉर्ड छठे विश्व कप संस्करण में खेलते हुए टूर्नामेंट इतिहास की अपनी पहली जादुई हैट्रिक जड़ी। अड़तीस वर्षीय दिग्गज फॉरवर्ड मेसी के लिए यह मुकाबला उनके अंतर्राष्ट्रीय करियर का दो सौवां मैच भी था, जिसे उन्होंने सत्रहवें, साठवें और छिहत्तरवें मिनट में तीन बेहतरीन गोल दागकर बेहद खास बना दिया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही मेसी ने विश्व कप इतिहास में सर्वाधिक सोलह गोल करने के जर्मनी के महान स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोस के सर्वकालिक रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली है।
मैच के शुरुआती दौर में दोनों टीमों का एक-एक गोल ऑफसाइड के कारण अमान्य घोषित कर दिया गया था, लेकिन सत्रहवें मिनट में मेसी ने बाईं ओर से एक जबरदस्त शॉट मारकर अल्जीरिया के गोलकीपर लुका जिदान को पूरी तरह छका दिया। इसके बाद साठवें मिनट में एलेक्सिस मैक एलिस्टर के एक शक्तिशाली शॉट को गोलकीपर द्वारा ठीक से न रोक पाने का फायदा उठाकर मेसी ने रिबाउंड पर गेंद को जाल में धकेल दिया और फिर छिहत्तरवें मिनट में बॉक्स के ठीक बाहर से एक बेहतरीन जमीनी शॉट के साथ अपनी हैट्रिक पूरी की। इस धमाकेदार जीत के साथ लियोनेल स्कालोनी के मार्गदर्शन वाली अर्जेंटीना की टीम ने वर्ष दो हजार बाईस के पिछले विश्व कप की उस कड़वी याद को भी पीछे छोड़ दिया जहाँ उन्हें अपने पहले मैच में सऊदी अरब से हार का सामना करना पड़ा था। इस एकतरफा मुकाबले के बाद मेसी को दर्शकों ने खड़े होकर शानदार विदाई दी, और अब अर्जेंटीना की टीम आगामी बाईस जून को ग्रुप-जे के अपने अगले रोमांचक मुकाबले में ऑस्ट्रिया का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
