भिवानी स्थित चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीयूएल) ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाली डिस्कस थ्रो खिलाड़ी सीमा कालीरमन को सम्मानित किया। विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स काउंसिल की ओर से मंगलवार को आयोजित सम्मान समारोह में उनकी उपलब्धि को सराहा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी ने की।
समारोह के दौरान कुलपति ने सीमा कालीरमन को शॉल, स्मृति चिह्न और एक लाख रुपये का चेक देकर सम्मानित किया। उन्होंने सीमा की सफलता की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सीमा विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग में शोधार्थी भी हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन और खेल परिषद के सदस्यों ने कहा कि सीमा की उपलब्धि पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर न सिर्फ विश्वविद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
सीमा कालीरमन चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग में पीएचडी कर रही हैं। खेल और उच्च शिक्षा को साथ लेकर चलने वाली सीमा ने अपनी मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। उनकी शोध का विषय ‘इमेजरी और पॉजिटिव सेल्फ-टॉक ट्रेनिंग ऑन एथलेटिक परफॉर्मेंस’ से संबंधित है।
सीमा का खेल सफर कई चुनौतियों से भरा रहा है। घुटने की गंभीर चोट के कारण उन्हें लंबे समय तक मैदान से बाहर रहना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कड़ी मेहनत और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने दोबारा वापसी की और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की।
सीमा कालीरमन की उपलब्धि इसलिए भी प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ अपने खेल करियर और पढ़ाई को आगे बढ़ाया। मां होने के बावजूद उन्होंने उच्च शिक्षा, प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाया।
सम्मान समारोह में सीमा ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, प्रशिक्षकों और उन सभी लोगों को दिया, जिन्होंने उनके सफर में सहयोग किया।
गौरतलब है कि भिवानी लंबे समय से खेल प्रतिभाओं की धरती के रूप में पहचाना जाता रहा है। यहां के कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। सीमा कालीरमन की उपलब्धि ने भिवानी की खेल पहचान को और मजबूती दी है।
