Boy with a serious face on the couch communicates on Internet. Child gadget addiction
एम्स के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने देश के किशोरों में लगातार बढ़ रही मोटापे की समस्या और युवतियों में पीसीओएस (PCOS) के मामलों को लेकर गहरी चिंता जताई है और इसके लिए उनकी आधुनिक जीवनशैली, जंक फूड का अत्यधिक सेवन, घटता फिजिकल वर्कआउट और बढ़ता स्क्रीन टाइम को मुख्य वजह बताया है। यदि इन गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों पर समय रहते काबू नहीं पाया गया, तो भविष्य की पीढ़ी में डायबिटीज और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा क्योंकि वर्तमान समय में बच्चों की शारीरिक सक्रियता बेहद सीमित हो चुकी है और उनका खानपान भी असंतुलित हो गया है। डॉक्टरों का कहना है कि टीनएज का मोटापा शरीर की आंतरिक प्रणालियों को नुकसान पहुंचाता है जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है और टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थितियां उत्पन्न होती हैं, इसलिए स्कूल और परिवार दोनों को मिलकर बच्चों में हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज की आदत डालनी चाहिए। विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि अस्वस्थ जीवनशैली और वजन बढ़ने के कारण किशोरियों में पीसीओएस जैसी हार्मोनल समस्याएं तेजी से पनप रही हैं जिससे मासिक धर्म की अनियमितता और भविष्य में मां बनने में कठिनाई जैसी दिक्कतें आ सकती हैं, और इनसे बचाव का एकमात्र सबसे असरदार तरीका स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना ही है।
