भागलपुर के हुसैनाबाद स्थित एक मकान से मंगलवार को करीब 6.50 लाख रुपए की दवाइयां मिलीं। ड्रग विभाग की टीम ने दंडाधिकारी और बबरगंज थाने की पुलिस के साथ मकान में छापेमारी की। विभाग को मकान में बिना अनुमति दवाइयां रखने की सूचना मिली थी। ड्रग इंस्पेक्टर मिलिंद गीड़ ने टीम बनाई और बताए गए मकान पर पहुंचे। तलाशी के दौरान एसिडिटी, कैल्शियम और एंटीबायोटिक समेत कई तरह की दवाइयां मिलीं। मकान में मेडिकल स्टोर का कोई बोर्ड नहीं था। अधिकारियों ने दवाइयों के भंडारण से जुड़े कागजात की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान मकान मालिक मो. सफी हैदर से दवाइयों के बारे में पूछताछ की गई। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि गुलाम सरबर नाम के व्यक्ति ने उनके मकान में ये दवाइयां लाकर रखी थीं। इस बयान के बाद जांच में एक नया नाम जुड़ गया है।
अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि गुलाम सरबर का इन दवाइयों से क्या संबंध है और इतनी बड़ी खेप मकान तक कैसे पहुंची। हालांकि, मकान मालिक के बयान की स्वतंत्र पुष्टि और दवाइयों के वास्तविक स्रोत की जांच अभी बाकी है। ड्रग विभाग ने बरामद दवाइयों के नमूने सुरक्षित कर लिए हैं। इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। साथ ही दवाइयों की खरीदारी के बिल, सप्लाई से जुड़े दस्तावेज और भंडारण की अनुमति की भी जांच होगी।
विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि दवाइयों का स्टॉक वैध तरीके से जमा किया गया था या नियमों को दरकिनार कर उन्हें मकान में रखा गया था। ड्रग इंस्पेक्टर मिलिंद गीड़ ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की मौजूदगी में छापेमारी की गई। मकान से करीब साढ़े छह लाख रुपए मूल्य की दवाइयां मिली हैं।
उनके नमूने सुरक्षित रखे गए हैं और खरीद-बिक्री तथा भंडारण से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में मामला दर्ज कराया जाएगा।
