सुपरस्टार राम चरण और जान्हवी कपूर स्टारर फिल्म ‘पेड्डी’ के सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद, इसमें जान्हवी कपूर के चरित्र ‘अचियम्मा’ के फिल्मांकन को लेकर सोशल मीडिया पर दर्शकों द्वारा तीखी आलोचना की जा रही है। दर्शकों और समीक्षकों के एक बड़े वर्ग ने आरोप लगाया है कि फिल्म के पहले भाग में कैमरा एंगल्स, संवादों और बिना सहमति के शारीरिक स्पर्श वाले दृश्यों के माध्यम से महिला चरित्र का अत्यधिक वस्तुकरण (ऑब्जेक्टिफिकेशन) किया गया है और उत्पीड़न को सामान्य दिखाने का प्रयास किया गया है। शुरुआत में इस आलोचना पर हैरानी जताते हुए निर्देशक बुची बाबू सना ने कहा था कि उन्होंने केवल एक चंचल प्रेम कहानी दिखाने की कोशिश की थी और वे दर्शकों की इस तरह की नकारात्मक प्रतिक्रिया का अनुमान नहीं लगा पाए थे।
हालांकि, बढ़ते सार्वजनिक विरोध और सोशल मीडिया पर जारी तीखी बहस के बाद निर्देशक बुची बाबू सना ने अपने आधिकारिक बयान में घोषणा की है कि वे फिल्म के उन विवादित हिस्सों और दृश्यों में आवश्यक बदलाव करेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए स्पष्ट किया कि एक फिल्म निर्माता के रूप में उनका इरादा कभी भी किसी महिला चरित्र का अनादर करने या दर्शकों को असहज करने का नहीं था, बल्कि वे सिनेमा के जरिए केवल मनोरंजन करना चाहते थे। उन्होंने दर्शकों से मिले फीडबैक को पूरी तरह गंभीरता से लेते हुए वादा किया है कि वे भविष्य की परियोजनाओं में महिला किरदारों के बेहतर और अधिक सम्मानजनक चित्रण के प्रति पूरी सावधानी बरतेंगे।
