June 20, 2026
BIHAR (1)

गंडा समाज के प्रतिनिधियों ने झारखंड में गंडा जाति को अनुसूचित जाति (एससी) की सूची में शामिल करने की मांग को लेकर पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान समाज के महिला एवं पुरुष सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मीडिया से बातचीत करते हुए गंडा समाज के प्रतिनिधि नरेश कुमार टांडिया ने कहा कि गंडा समाज लंबे समय से झारखंड में अनुसूचित जाति का दर्जा दिए जाने की मांग करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड के विभिन्न जिलों में गंडा समाज के लगभग डेढ़ लाख लोग निवास करते हैं और इनमें से कई परिवार टाटा उद्योग की स्थापना के समय से यहां बसे हुए हैं। वर्तमान में समाज की छठी और सातवीं पीढ़ी झारखंड में रह रही है।

उन्होंने बताया कि पड़ोसी राज्यों ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में गंडा जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त है। ऐसे में झारखंड में भी इस समुदाय को समान अधिकार मिलना चाहिए।

ज्ञापन में कहा गया है कि अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं मिलने के कारण समाज के बच्चों और युवाओं को जाति प्रमाण पत्र बनवाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके चलते उन्हें शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। समाज के लोगों का कहना है कि उन्हें मतदान और सरकार चुनने का अधिकार तो प्राप्त है, लेकिन अब तक उन्हें अपने सामाजिक और संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा गया है।

गंडा समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि झारखंड राज्य के गठन के बाद उन्हें उम्मीद थी कि उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी, लेकिन राज्य गठन के 26 वर्ष बीत जाने के बावजूद गंडा जाति को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने राज्य सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो समाज अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने को बाध्य होगा।

कार्यक्रम में नरेश कुमार टांडिया, फूलचंद राय, धर्मेंद्र दीप, हिरण दीप, कृपा नाग, मोतीलाल करण, बबली कुमार, पूनम भुइयां, तनुज भुइयां, रवि महानंद, लक्ष्मी महानंद, सागर सोना, सोनू सोना, मनोज नाग, मदन कुमार, बलराम तांती, बाबू नाग, दिलीप दीप, अरुण दीप, आनंद नाग, रथो हरपाल, प्रिया नाग, अंजलि छतर, प्रिया टांडी, राज सागर, विजय बाघ, चंद्र बिभार, मुक्ता बाग, माही बिस्वाल, निशा हरपाल, सुनीता कुंडू, राजू सोना, श्याम कांत, महाबीर कांत, बरुंदा छत्रिया, अशोक हरिपाल, सुमन सेनापति, ओम चंदर नाग समेत बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *