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केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को ‘खेलो इंडिया स्कीम’ के विस्तार और ‘नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन्स’ (NSFs) को दी जाने वाली मदद के लिए बजट बढ़ाने को मंज़ूरी दी। इसके लिए अगले पांच सालों में कुल 36,441 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सरकार ने ‘खेलो इंडिया स्कीम’ के लिए 29,054 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस स्कीम का मकसद ज़मीनी स्तर पर प्रतिभाशाली एथलीटों का एक पूल तैयार करना है, क्योंकि भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी करके और 2036 ओलंपिक की दावेदारी करके एक ग्लोबल स्पोर्ट्स हब बनने की कोशिश कर रहा है।
अगले पांच सालों में NSFs को दी जाने वाली मदद के लिए 7,387 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। 2026-27 के लिए NSFs को दी जाने वाली मदद का मौजूदा बजट आवंटन 425 करोड़ रुपये था।
सरकार के एक बयान में कहा गया, “मंज़ूर की गई रकम पिछली ‘खेलो इंडिया स्कीम’ की तुलना में लगभग आठ गुना ज़्यादा है। यह युवाओं के विकास, राष्ट्र-निर्माण और भारत के एक ग्लोबल स्पोर्ट्स पावरहाउस के तौर पर उभरने में खेलों को अहम बनाने के सरकार के संकल्प को दिखाता है।”
‘खेलो इंडिया’ 2017 में शुरू किया गया था और इसे हर साल केंद्रीय खेल बजट का सबसे बड़ा हिस्सा मिलता रहा है। इस स्कीम के तहत अभी लगभग 2800 एथलीट शामिल हैं और उन्हें स्कॉलरशिप के ज़रिए पोषण और ट्रेनिंग की ज़रूरतों के लिए सरकारी फ़ंडिंग दी जाती है।
