बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के एक होटल में दिल्ली की इनफ्लुएंसर के साथ हुई रेप की घटना के बाद अब इस मामले में कई नई बातें सामने आ रही हैं। स्टेशन रोड के होटल में दुष्कर्म पीड़िता दिल्ली की सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर की सोशल मीडिया पर फोटो डाल बोली लगाई गई थी। एसएसबी के आरोपित एएसआई ने महिला की तस्वीर दिखाते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। नगर थाने में की गई ऑनलाइन शिकायत में महिला ने इसका जिक्र किया है। साथ ही उसने एसएसबी की जांच कमेटी के समक्ष प्रस्तुत होकर भी यह आरोप लगाया है। एसएसबी आरोपित एएसआई के सोशल मीडिया पेज की जांच करा रहा है। डिलीट किए गए वीडियो को भी रिकवर करने का प्रयास होगा। पीड़िता ने सोमवार को भी मोबाइल पर नगर थाने की पुलिस से बात की और उन्हें बताया कि 22 सितंबर तक थाने में हाजिर होकर अपना बयान दर्ज कराएगी। फिलहाल वह अपने एक रिश्तेदार के घर पर है।
नगर थाने की पुलिस के अनुसार सीसीटीएनएस पर महिला द्वारा की गई शिकायत प्राप्त हो गई है। अब महिला को थाने में आकर अपना बयान देना होगा। साथ ही आवेदन पर हस्ताक्षर भी लिया जाएगा। इसके अलावा घटनास्थल भी पीड़िता से चिह्नित कराया जाएगा, ताकि मामले में आगे की जांच व कार्रवाई की जा सके। उधर, मामले में एसएसबी की ओर से कार्रवाई शुरू हो गई है। जांच कमेटी के समक्ष दिल्ली की दुष्कर्म पीड़िता के अलावा लखनऊ की दो अन्य महिला इनफ्लुएंसर ने बयान दर्ज कराया था। इसके आधार पर एसएसबी ने आरोपित एएसआई को निलंबित किया है। साथ ही निलंबित एएसआई को मुख्यालय नहीं छोड़ने की हिदायत दी गई है। मामले में एएसआई के साथी दुष्कर्म के आरोपित के लखनऊ में ठिकाने की भी पुलिस ने पीड़िता से जानकारी ली है, ताकि एफआईआर दर्ज होने के साथ ही आरोपित की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा सके। बता दें कि इस मामले में दिल्ली निवासी पीड़िता ने आरोप लगाया था कि एसएसबी के एएसआई , कम्युनिकेशन ने उसे सोशल मीडिया पर वायरल कराने और फॉलोअर बढ़ाने का झांसा देकर सात दिसंबर, 2025 को मुजफ्फरपुर बुलाया था। पीड़िता अपने दो साल के बच्चे के साथ यहां आई थी। युवती को स्टेशन रोड स्थित एक होटल में ठहराया गया था। इस होटल में एएसआई के साथी ने उनसे दुष्कर्म किया था। पीड़िता का कहना है कि उनका गंदा वीडियो भी बना लिया गया था और विरोध करने पर हत्या की धमकी दी गई थी। पीड़िता का आरोप है कि एएसआई और उनके साथी ने ब्लैकमेल कर उनसे पैसे भी लिए। पीड़िता ने नगर थाना से पहले एसएसबी मुख्यालय में ऑनलाइन शिकायत भेजी थी।
