केंद्रीय बजट दो हज़ार पच्चीस के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग दो प्रतिशत की गिरावट के बावजूद, मॉर्गन स्टेनली के भारतीय इक्विटी रणनीतिकार रिधम देसाई ने भारतीय बाजारों पर अपना सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा है। देसाई के अनुसार, बजट में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के चार दशमलव तीन प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य विकास को प्राथमिकता देने वाला एक सोचा-समझा कदम है। उन्होंने बताया कि भारत इस समय चक्रीय समर्थन और संरचनात्मक सुधारों के एक दुर्लभ मेल से गुजर रहा है, जो कंपनियों की आय में वृद्धि और प्रीमियम वैल्युएशन को बनाए रखेगा।
देसाई ने विशेष रूप से वित्तीय सेवाओं , उपभोक्ता विवेकाधीन और औद्योगिक क्षेत्रों को निवेश के लिए सबसे बेहतर बताया है। बजट में डेटा सेंटरों के लिए टैक्स छूट और दो हज़ार सैंतालीस तक वैश्विक निर्यात में भारत की हिस्सेदारी दस प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य, दीर्घकालिक विकास की रणनीति को दर्शाता है। उनके अनुसार, बुनियादी ढांचे , रक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निरंतर निवेश से निजी पूंजी को भी बढ़ावा मिलेगा। रिधम देसाई का मानना है कि मामूली गिरावट बाजार में खरीदारी का एक अच्छा अवसर हो सकती है क्योंकि भारत का व्यापक आर्थिक ढांचा अब बहुत अधिक लचीला और मजबूत हो गया है।
