अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मांग बढ़ने से दोनों कीमती धातुओं में लगभग 1 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह 10:49 बजे तक सोने का जून वायदा अनुबंध 0.49 प्रतिशत यानी 755 रुपये की बढ़त के साथ 1,52,887 रुपये के इंट्राडे हाई पर कारोबार करता देखा गया। इसी दौरान सोने ने 1,52,400 रुपये का इंट्राडे लो भी छुआ। बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच सोने में निवेशकों की रुचि बनी रही वहीं चांदी के जुलाई वायदा अनुबंध में और अधिक तेजी देखने को मिली। यह 1.49 प्रतिशत यानी 3,790 रुपये बढ़कर 2,57,055 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। सत्र की शुरुआत में चांदी 2,54,998 रुपये पर खुली थी, जो 0.68 प्रतिशत यानी 1,733 रुपये की बढ़त दर्शाती है। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,54,722 रुपये का इंट्राडे लो भी दर्ज किया। कमोडिटी मार्केट विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर जियोपॉलिटिकल तनाव और अनिश्चितताओं के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने और चांदी की कीमतों को समर्थन मिल रहा है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने भी महंगाई की आशंका को बढ़ाया है, जिसका असर कीमती धातुओं पर दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में सोने और चांदी का शॉर्ट-टर्म आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है। निवेशकों के बीच सुरक्षित निवेश की मांग लगातार बनी हुई है, खासकर तब जब वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक हालात में स्थिरता को लेकर सवाल बने हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर स्पष्टता न होने से बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। इसी अनिश्चितता के कारण निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से हटकर कीमती धातुओं में निवेश बढ़ा रहे हैं। कुल मिलाकर, वैश्विक संकेतों और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में तेजी जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। बाजार फिलहाल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए है, जिनका सीधा असर कमोडिटी बाजार पर देखा जा रहा है।
