माइक्रोसॉफ्ट ने जून २०२६ की तय समयसीमा तक विंडोज ११ कंप्यूटरों में सिक्योर बूट सर्टिफिकेट अपडेट न करने के गंभीर सुरक्षा परिणामों को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। न्यू यॉर्क से २६ मई २०२६ को जारी इस रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष २०११ से कंप्यूटर हार्डवेयर की सुरक्षा का संचालन करने वाले मूल सिक्योर बूट सर्टिफिकेट जून २०२६ में पूरी तरह एक्सपायर होने जा रहे हैं। इस संकट से लाखों कंप्यूटरों को सुरक्षित रखने के लिए माइक्रोसॉफ्ट पिछले कुछ वर्षों से नए २०२३ सिक्योर बूट सर्टिफिकेट को मदरबोर्ड के यूईएफआई फर्मवेयर में रोलआउट कर रही है। माइक्रोसॉफ्ट के सुरक्षा इंजीनियरों और आर्किटेक्ट्स ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई उपयोगकर्ता इस जून २०२६ की समयसीमा को नजरअंदाज करता है, तो उसका कंप्यूटर अचानक बंद नहीं होगा और न ही वह बेकार होगा, बल्कि वह सामान्य रूप से बूट होता रहेगा। हालांकि, समयसीमा बीतने के बाद यदि कंप्यूटर में नया २०२३ सर्टिफिकेट इंस्टॉल नहीं होगा, तो माइक्रोसॉफ्ट उस सिस्टम के लिए बूट-क्रिटिकल सिक्योरिटी अपडेट और नए मालवेयर की ब्लैकलिस्ट भेजना पूरी तरह बंद कर देगी, जिससे कंप्यूटर की सुरक्षा स्थायी रूप से कमजोर हो जाएगी।
इस आवश्यक तकनीकी बदलाव को सुचारू रूप से लागू करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज ११ के अप्रैल अपडेट में एक नया सुरक्षा फीचर जोड़ा है, जो विंडोज सिक्योरिटी ऐप के डिवाइस सिक्योरिटी सेक्शन में जाकर देखा जा सकता है। यहाँ उपयोगकर्ताओं को सिक्योर बूट की स्थिति के अनुसार हरे, पीले या लाल रंग के अलर्ट दिखाई देंगे ताकि वे जान सकें कि उनका सिस्टम सुरक्षित है या नहीं। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि पुराना २०११ सर्टिफिकेट समय पर नहीं बदला गया, तो भविष्य के बड़े विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम अपग्रेड भी पूरी तरह ब्लॉक हो जाएंगे, हालांकि आगामी विंडोज ११ का २६एच२ वर्जन सामान्य रूप से इंस्टॉल हो सकेगा। यह अपडेट प्रक्रिया पूरी तरह से बिटकॉकर-अवेयर है, इसलिए सुरक्षा कुंजियों के गुम होने का कोई जोखिम नहीं है। यह नया २०२३ सर्टिफिकेट वर्ष २०३८ तक वैध रहेगा, लेकिन कॉरपोरेट और बड़े सर्वर प्रशासकों को इस बदलाव को लेकर अधिक सतर्क रहने और मैनुअल कमांड के जरिए इसे समय पर लागू करने की सलाह दी गई है ताकि उनके सर्वर और एंटरप्राइज नेटवर्क सुरक्षित बने रहें।
