निजी क्षेत्र के इंडसइंड बैंक ने वित्त वर्ष दो हजार पच्चीस-छब्बीस की जनवरी-मार्च तिमाही में पांच सौ चौरानवे करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। यह बैंक के लिए एक बड़ी रिकवरी है, क्योंकि वित्त वर्ष दो हजार चौबीस-पच्चीस की इसी समान तिमाही में बैंक को दो हजार तीन सौ उन्नतीस करोड़ रुपये का भारी घाटा हुआ था। बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ राजीव आनंद ने बताया कि पिछले समय में डेरिवेटिव कारोबार में हुए नुकसान और अन्य समस्याओं को अब पूरी तरह दूर कर लिया गया है, और अब बैंक का पूरा ध्यान भविष्य में कारोबार को और मजबूत करने पर है।
आगामी योजनाओं के बारे में बताते हुए आनंद ने कहा कि बैंक वित्त वर्ष दो हजार छब्बीस-सत्ताईस में विकास की मानसिकता के साथ आगे बढ़ेगा। हालांकि, समीक्षाधीन तिमाही के दौरान बैंक के ऋण में लगभग साढ़े आठ प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि इसके विपरीत पूरे बैंकिंग उद्योग में लगभग सोलह प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। इन चुनौतियों के बावजूद, बैंक अब नए सिरे से अपनी बाजार स्थिति को बेहतर बनाने के लिए तैयार है।
