डूरंड कप के पहले सेमीफाइनल में ईस्ट बंगाल और स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली आमने-सामने होंगे। कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में होने वाले इस मुकाबले में जहां घरेलू दर्शकों का समर्थन ईस्ट बंगाल के साथ रहेगा, वहीं स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली अपने शानदार आक्रामक प्रदर्शन के दम पर फाइनल में जगह बनाने के इरादे से उतरेगा। स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली के मुख्य कोच टॉमाज़ त्खोर्ज़ के लिए यह मुकाबला क्लब के लिहाज से ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि नई बनी टीम के लिए सेमीफाइनल तक पहुंचना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन टीम की नजर अब इससे आगे जाने पर है। स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली ने टूर्नामेंट में आक्रमण के साथ-साथ मजबूत संगठन का भी परिचय दिया है। टीम ने चार मैचों में केवल तीन गोल खाए हैं। पिछले दो ग्रुप मुकाबलों में दिल्ली की टीम ने सात-सात गोल किए, जबकि क्वार्टर फाइनल में भी पांच गोल दागकर अपनी आक्रामक क्षमता का प्रदर्शन किया। इससे साफ है कि टीम केवल स्टार खिलाड़ी रोड्रिगुइन्हो पर निर्भर नहीं है, बल्कि उसके पास कई क्षेत्रों से गोल करने की क्षमता है।
दूसरी ओर, ईस्ट बंगाल ने टूर्नामेंट में रक्षात्मक मजबूती और नियंत्रित आक्रमण पर अधिक भरोसा किया है। टीम की रणनीति विपक्षी को ज्यादा मौके नहीं देने और सही समय पर आक्रमण करने की रही है। ऐसे में सेमीफाइनल में दोनों टीमों की रणनीति का टकराव देखने को मिलेगा। स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली के कोच ने कोलकाता में खेलने की चुनौती को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि कोलकाता फुटबॉल संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है और घरेलू टीम के समर्थन में बड़ी संख्या में दर्शक स्टेडियम पहुंचेंगे। इसके बावजूद उनकी टीम इस माहौल का आनंद लेते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार है।
मुकाबले में सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि क्या स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली अपने तेज और निरंतर आक्रमण से ईस्ट बंगाल की मजबूत रक्षापंक्ति को भेद पाएगा या फिर ईस्ट बंगाल दिल्ली के खिलाड़ियों को धैर्यपूर्वक खेलने के लिए मजबूर कर जवाबी हमलों के जरिए बढ़त हासिल करेगा। कोच त्खोर्ज़ ने इसे कोलकाता और दिल्ली जैसे दो बड़े फुटबॉल शहरों तथा ईस्ट बंगाल और स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली जैसे दो महत्वाकांक्षी क्लबों के बीच मुकाबला बताया। सेमीफाइनल में जीत दर्ज करने वाली टीम 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप के फाइनल में प्रवेश करेगी और खिताब से महज एक कदम दूर रह जाएगी।
