NEET UG पेपर लीक के बाद लगातार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों के बीच NTA ने अपनी व्यवस्था में बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में प्रश्न-पत्र तैयार करने वाले 600 एक्सपर्ट्स को हटाकर नई टीम का गठन किया गया है। इसके साथ ही प्रश्न-पत्रों की जांच के लिए 4 स्तरीय व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।
दरअसल, NTA ने जून में UGC NET परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा के बाद अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों के प्रश्न-पत्र को लेकर छात्रों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं। शिकायतों की जांच के दौरान NTA ने माना कि प्रश्न-पत्र तैयार करते समय निर्धारित बुनियादी नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। इसके बाद इन तीनों विषयों की परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित कराने का फैसला लिया गया।
शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, NTA ने प्रश्न-पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल 600 विशेषज्ञों को हटा दिया है। उनकी जगह नई टीम गठित की गई है। अगले दो से तीन सप्ताह में 20 से 25 नए अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद जरूरत के अनुसार और विशेषज्ञों को भी टीम में शामिल किया जाएगा।
NTA अब प्रश्न-पत्रों की जांच के लिए 4 स्तरीय क्वेश्चन पेपर चेकिंग सिस्टम लागू करेगा। नई व्यवस्था में प्रश्न-पत्र की समीक्षा सिर्फ एक स्तर पर नहीं, बल्कि चार अलग-अलग स्तरों पर होगी। इसमें तथ्यात्मक गलतियों के साथ टाइपिंग, भाषा और अनुवाद से जुड़ी त्रुटियों की भी पहले से जांच की जाएगी, ताकि परीक्षा के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना को कम किया जा सके।
