जब भी किसी को कुत्ता काटता है, तो वह बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंच जाता है और एंटी-रेबीज के इंजेक्शन लगवा लेता है। लेकिन इसके उलट, अगर किसी को बिल्ली काट ले या खरोंच दे, तो लोग अक्सर इसे मामूली बात समझकर टाल देते हैं। लोगों को लगता है कि बिल्ली की हल्की सी खरोंच से कुछ नहीं होगा। क्या वाकई ऐसा सोचना सही है? क्या बिल्ली के काटने से किसी भी तरह की गंभीर बीमारी का खतरा नहीं होता है? हेल्थ एक्सपर्ट्स और विभिन्न मेडिकल रिसर्च के अनुसार, कुत्ते और बिल्ली—दोनों का ही काटना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है, हालांकि दोनों के मामलों में खतरे का स्वरूप पूरी तरह भिन्न होता है।
हमारे देश में रैबीज से जुड़े ज्यादातर मामले कुत्तों के काटने के कारण ही सामने आते हैं। खासकर आवारा या बिना वैक्सिनेशन वाले कुत्तों के काटने से रैबीज फैलने का जोखिम बहुत अधिक रहता है। संक्रमित जानवर की लार के जरिए यह खतरनाक वायरस शरीर के भीतर दाखिल हो जाता है और समय पर उचित इलाज न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है। इसके अलावा, कुत्ते का काटना आमतौर पर एक गहरा घाव छोड़ता है, जिससे त्वचा और आसपास के ऊतकों को गंभीर क्षति पहुंचती है। यही वजह है कि डॉग बाइट को हमेशा एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है।
दूसरी तरफ, बिल्ली के काटने या उसके हमले के बाद यदि आपको केवल एक हल्की सी खरोंच भी आए, तो इसे नजरअंदाज करने की गलती बिल्कुल न करें। बिल्ली के दांत बेहद पतले और नुकीले होते हैं, जो काटने पर त्वचा की परतों में बहुत गहराई तक उतर जाते हैं। ऐसे में बाहरी तौर पर भले ही एक छोटा सा निशान दिखे, लेकिन अंदर ही अंदर बैक्टीरिया बहुत तेजी से एक्टिव हो जाते हैं। मेडिकल जानकारों का कहना है कि बिल्ली के मुंह में ‘पास्टेरुल्ला मल्टटोसिदा’ नाम का बैक्टीरिया होता है, जो कुछ मामलों में तेज सूजन, भारी दर्द और खतरनाक इंफेक्शन की वजह बनता है। इस संक्रमण के कारण कई बार मरीज की स्थिति इतनी बिगड़ जाती है कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है।
इस बात का कोई एक सीधा जवाब नहीं है कि किसका काटना ज्यादा खतरनाक है। रैबीज के लिहाज से देखा जाए, तो कुत्ते का काटना अधिक खतरनाक प्रतीत होता है क्योंकि इसके मामले बड़े पैमाने पर दर्ज होते हैं। वहीं, यदि बैक्टीरियल इंफेक्शन के दृष्टिकोण से विचार करें, तो बिल्ली का काटना भी कम खतरनाक नहीं है और यह शरीर में तेजी से संक्रमण फैला सकता है। इसका मतलब यह है कि खतरा सिर्फ जानवर के आकार से तय नहीं होता, बल्कि छोटी दिखने वाली कैट बाइट भी बड़ी समस्या बन सकती है। इसलिए, यदि कोई भी जानवर काट ले, तो सबसे पहले घाव को बहते पानी और साबुन से अच्छी तरह धोएं, फिर एंटीसेप्टिक लगाकर तुरंत किसी डॉक्टर से सलाह लें। किसी भी तरह की देरी या घरेलू नुस्खे इस स्थिति को और अधिक गंभीर बना सकते हैं।
