सीने में जलन होते ही ज्यादातर लोग इसे एसिडिटी समझ लेते हैं, खासकर तब जब इससे पहले भारी खाना खाया हो। गैस की दवा लेना या घरेलू नुस्खे अपनाना आम प्रतिक्रिया है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सीने में होने वाली हर जलन को सिर्फ गैस या एसिडिटी मानना ठीक नहीं है। कुछ मामलों में यह हार्ट अटैक या दूसरी गंभीर हार्ट डिजीज का संकेत हो सकती है।
डॉक्टरों के अनुसार, हार्ट अटैक और एसिडिटी में होने वाली तकलीफ कई बार एक जैसी महसूस होती है। इसी वजह से मरीज और उनके परिवार के लोग स्थिति को समझने में गलती कर सकते हैं और अस्पताल पहुंचने में देरी हो जाती है। हार्ट अटैक में समय पर इलाज बेहद जरूरी होता है और देरी होने पर हार्ट की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।
सीके बिड़ला हॉस्पिटल, दिल्ली के कार्डियोलॉजी डायरेक्टर डॉ. अंशुल कुमार जैन बताते हैं कि सीने में होने वाली जलन को हर बार एसिडिटी मान लेना सही नहीं है। सीने के आसपास हार्ट, खाने की नली और पेट के कई हिस्से मौजूद होते हैं और इनसे जुड़े नसों के संकेत कई बार एक जैसे महसूस हो सकते हैं। ऐसे में हार्ट की आर्टरी में ब्लॉकेज के कारण होने वाली परेशानी भी गैस या एसिडिटी जैसी लग सकती है।
यदि सीने का दर्द या बेचैनी जबड़े, गर्दन, पीठ या हाथों तक फैल रही हो, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। सीने में जलन के साथ अचानक सांस लेने में परेशानी होना, ठंडा और चिपचिपा पसीना आना, कमजोरी या चक्कर महसूस होना और बेहोशी जैसी स्थिति भी चेतावनी के संकेत हो सकते हैं। सीने में सिर्फ जलन ही नहीं, बल्कि भारीपन, दबाव या कसाव महसूस होना भी हार्ट की समस्या की ओर इशारा कर सकता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर घरेलू इलाज में समय गंवाने के बजाय तुरंत मेडिकल मदद लेना जरूरी है।
