टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर अजीत आगरकर का बीसीसीआई के साथ सफर अब महज एक हफ्ते का बचा है क्योंकि सितंबर के अंत तक उनका अनुबंध समाप्त हो जाएगा और रोहित शर्मा से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि बोर्ड उनका कार्यकाल नहीं बढ़ाएगा, हालांकि पहले पार्थिव पटेल और प्रज्ञान ओझा का नाम रेस में सबसे आगे चल रहा था, लेकिन बोर्ड सचिव देवाजीत सैकिया ने बुधवार को कहा कि 4 अक्टूबर तक का समय बोर्ड के पास है और उसके बाद ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा, क्योंकि आगरकर ने खुद 18 सितंबर को बीसीसीआई को बता दिया था कि वे अपने तीन साल के कार्यकाल को आगे बढ़ाने के अनिच्छुक हैं, और सैकिया ने यह भी स्पष्ट किया कि 4 अक्टूबर को पद खाली होने के बाद नियमों के तहत फैसला लेकर सार्वजनिक रूप से घोषणा कर दी जाएगी, इसके अलावा बोर्ड सचिव ने महिला क्रिकेट टीम द्वारा जापान में एशियाई खेलों में जीते गए स्वर्ण पदक की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि 28 सितंबर से शुरू होने वाले पुरुष टीम के अभियान का फाइनल 3 अक्टूबर को होगा और वे भी महिला टीम की तरह देश को जीत का तोहफा देंगे, हालांकि चीफ सेलेक्टर की दौड़ में पार्थिव पटेल और प्रज्ञान ओझा के नाम आए थे, लेकिन पार्थिव की कमेंट्री और आईपीएल कोचिंग से होने वाली करोड़ों की कमाई को देखते हुए यह सवाल है कि क्या बोर्ड उन्हें इतनी बड़ी क्षतिपूर्ति राशि देगा जिससे उनकी सालाना आय दस करोड़ तक पहुंच जाए जो इस पद के लिए अत्यधिक है, जबकि प्रज्ञान ओझा का अनुभव आगरकर की तरह कड़े और बेबाक फैसले लेने के पैमाने पर खरा नहीं उतरता, जैसा कि आगरकर ने रोहित शर्मा के मामले में दिखाया था, और इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए अब यही माना जा रहा है कि इस पद पर किसी ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति हो सकती है जिसकी किसी ने उम्मीद भी न की हो।
