एक दौर था जब झारखंड से हर साल हजारों युवा बेहतर शिक्षा और नौकरियों की तलाश में दूसरे राज्य और विदेशों का रुख करते थे. ‘पलायन’ शब्द जैसे इस राज्य की नियति बन चुका था. लेकिन अब वक्त का पहिया घूम चुका है. अब झारखंड सिर्फ अपने बच्चों को रोक ही नहीं रहा, बल्कि सात समंदर पार से आ रहे विदेशी छात्रों के सपनों को भी नई उड़ान दे रहा है।
इस बदलते झारखंड की एक बेहद सुखद और गौरवान्वित करने वाली तस्वीर जमशेदपुर के अरका जैन विश्वविद्यालय से सामने आई है. बीते दो दिनों में पश्चिम अफ्रीकी देश आइवरी कोस्ट से 12 अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए अरका जैन विश्वविद्यालय पहुंचे हैं. पहले दिन सात और दूसरे दिन पांच विद्यार्थियों का विश्वविद्यालय परिसर में स्वागत किया गया. इसके साथ ही विवि में पढ़ाई कर रहे विदेशी छात्रों की कुल संख्या 24 से बढ़कर 36 हो गई है।
अतिथियों का आत्मीय स्वागत, उज्ज्वल भविष्य की कामना
विश्वविद्यालय पहुंचे नवागंतुक विद्यार्थियों के अभिनंदन के लिए एक विशेष स्वागत समारोह का आयोजन किया गया. प्रो-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) अंगद तिवारी और रजिस्ट्रार डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके उज्ज्वल शैक्षणिक भविष्य की कामना की. इस दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष और शिक्षक मौजूद थे. छात्रों को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल, उपलब्ध संसाधनों, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं और खेल-कूद से जुड़ी गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. विश्वविद्यालय प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि उनकी इस शैक्षणिक यात्रा को सुरक्षित, सहज और यादगार बनाने में हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
10 से अधिक देशों की संस्कृतियों का अनूठा संगम
अरका जैन विवि के रजिस्ट्रार डॉ. अमित श्रीवास्तव ने कहा कि विवि का परिसर आज सही मायने में एक ‘ग्लोबल विलेज’ जैसा नज़र आता है. यहाँ आइवरी कोस्ट के अलावा तंजानिया, बांग्लादेश, लाइबेरिया, गिनी, जिम्बाब्वे, नेपाल, दक्षिण अफ्रीका, युगांडा और एस्वातिनी जैसे देशों के युवा एक साथ पढ़ाई कर रहे हैं. अलग-अलग भाषाओं, पहनावे, खान-पान और पृष्ठभूमियों से आने वाले इन युवाओं की उपस्थिति से परिसर में एक अद्भुत सांस्कृतिक विविधता देखने को मिल रही है. इससे न केवल विदेशी छात्रों को भारतीय संस्कृति को करीब से जानने का मौका मिल रहा है, बल्कि स्थानीय छात्रों को भी वैश्विक दृष्टिकोण और विविध विचारों को समझने का एक मंच मिल रहा है।
शिक्षा के मानचित्र पर जमशेदपुर का दबदबा
अरका जैन यूनिवर्सिटी के कुलपति ने बताया कि पूर्वी भारत से अक्सर प्रतिभाओं के पलायन की खबरें आती रही हैं, लेकिन जब विदेशी छात्र अपनी पढ़ाई के लिए जमशेदपुर को चुन रहे हैं, तो यह पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है. यह बदलाव दर्शाता है कि झारखंड अब केवल खनिजों और उद्योगों का ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का भी एक प्रमुख केंद्र बन रहा है।
विभिन्न देशों के 36 विद्यार्थियों का यहाँ अध्ययनरत होना इस बात की ताकीद करता है कि अरका जैन विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक मजबूत साख बनाई है. विश्वविद्यालय प्रबंधन ने आइवरी कोस्ट से आए सभी विद्यार्थियों के सुखद और उपलब्धियों से भरे शैक्षणिक जीवन की कामना की।
