टार्ज़न नेचर रिट्रीट ने अपने टार्ज़न लाइसेंसिंग अथवा प्रॉपर्टी अपग्रेड मॉडल को लॉन्च करने की घोषणा की है। इस अनूठी पहल को भारत के असंगठित और बिखरे हुए ऑफबीट स्टे यानी अनूठे ठहरने के स्थानों को भरोसेमंद तथा ब्रांडेड नेचर रिट्रीट के रूप में बदलने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इसके तहत विभिन्न प्रॉपर्टीज़ को टार्ज़न ब्रांड के अंतर्गत शामिल किया जाएगा और एक संरचित ढांचे के माध्यम से उनका अपग्रेड किया जाएगा। इस अपग्रेडेशन प्रक्रिया में ब्रांड पहचान, डिज़ाइन में सुधार, बेहतरीन फोटोग्राफी और कंटेंट, ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी यानी ओटीए प्रबंधन, मूल्य निर्धारण रणनीति, हाउसकीपिंग मानक, स्टाफ प्रशिक्षण, अतिथि-अनुभव मानक संचालन प्रक्रियाएं यानी एसओपी, ऑडिट, केंद्रीय विपणन और मांग सृजन सहायता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त यह कंपनी जरूरत पड़ने पर मिसिंग हॉस्पिटैलिटी या वेलनेस सुविधाओं जैसे प्रीफैब स्टे यूनिट्स, स्पा कॉटेज, रेस्टोरेंट पॉड्स, प्लंज पूल्स, जकूज़ी यूनिट्स, गाइडेड एक्टिविटी ज़ोन और क्यूरेटेड फूड एंड बेवरेज अनुभवों को पहचानने और उन्हें जोड़ने में भी प्रॉपर्टी मालिकों की मदद करेगी।
व्यवसायिक लक्ष्यों की बात करें तो कंपनी वर्ष दो हजार छब्बीस के अंत तक एक हजार से अधिक योग्य संपत्तियों को इस मॉडल में बदलने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिससे यात्रियों के लिए ब्रांडेड ऑफबीट स्टे का एक मजबूत राष्ट्रीय नेटवर्क तैयार किया जा सके। ईबीजी ग्रुप के चेयरमैन इरफान खान ने इस अभिनव पहल पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि एक यात्री ऑनलाइन माध्यम से किसी फार्मस्टे, फॉरेस्ट रिट्रीट या पहाड़ी संपत्ति की खोज तो आसानी से कर सकता है, लेकिन वहां मिलने वाला जमीनी अनुभव अक्सर अनिश्चित और असंतोषजनक होता है। टार्ज़न लाइसेंसिंग मॉडल इसी अनिश्चितता और कमी को दूर करने के लिए हमारा एक सटीक जवाब है। हम इन स्वतंत्र और प्रकृति आधारित संपत्तियों को एक स्थापित ब्रांड की ताकत, एसओपी, गुणवत्तापूर्ण कंटेंट, मांग और मेहमानों का अटूट भरोसा देना चाहते हैं, ताकि वे वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
