एमआइटी के हॉस्टल संख्या एक में खराब भोजन और अव्यवस्था को लेकर गुरुवार को प्रथम वर्ष के नव-नामांकित छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा।
दोपहर में भोजन करने के बाद एक छात्र की तबीयत बिगड़ गई। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई। इसके बाद आक्रोशित छात्रों ने प्रशासनिक भवन पहुंचकर जोरदार हंगामा किया। करीब 100 से 150 छात्रों ने प्रशासनिक भवन और प्राचार्य कक्ष का देर शाम तक घेराव किया।
छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में लंबे समय से भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की जा रही है, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। कभी भोजन की गुणवत्ता खराब रहती है तो कभी छात्रों की संख्या के अनुसार खाना उपलब्ध नहीं हो पाता। छात्रों ने कहा कि कई बार निरीक्षण के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और खाना पकाने में स्वच्छता का ध्यान नहीं रखा जाता।
दूसरी ओर वेंडर का कहना है कि उपलब्ध कराई गई सामग्री से अधिक छात्रों का खाना तैयार करना संभव नहीं है। छात्रों ने साफ कहा कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से कोई समझौता नहीं होगा। समस्या का स्थायी समाधान न होने पर छात्र प्रशासनिक भवन के सामने धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा।
बाद में कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को लिखित आश्वासन दिया। छात्रों ने हॉस्टल वार्डन व वेंडर बदलने, खेलकूद, शुद्ध पेयजल, मच्छररोधी जाली लगाने और परिसर की सफाई कराने की मांगें रखीं। छात्रों के लगातार विरोध के बीच हॉस्टल वार्डन ने पद से इस्तीफे की पेशकश की, हालांकि प्राचार्य ने उन्हें रोक दिया। रात में कॉलेज प्रशासन और छात्रों के बीच दोबारा बैठक बुलाई गई।
जिसमें वार्डन की भूमिका और अन्य मांगों पर निर्णय लेने की बात कही गई। छात्रों ने कहा कि वे केवल बेहतर भोजन, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं चाहते हैं ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
