सर्वोदय संस्था की ओर से माइकल जॉन ऑडिटोरियम में ‘साझी शहादत, साझी विरासत’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व सांसद आनंद मोहन ने कहा कि देश में आपसी एकता तोड़ने की साजिश हो रही है। कट्टरता और विभाजनकारी शक्तियों के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि 1857 के आंदोलन से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समेत सभी समुदायों ने मिलकर देश के लिए बलिदान दिया। भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल और अशफाकउल्ला खान की शहादत इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि गांधी के विचारों को खत्म नहीं किया जा सकता।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि जमशेदपुर साझी विरासत का जीवंत उदाहरण है, लेकिन देश में बढ़ता विभाजन चिंताजनक है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू ने गोडसे को सम्मान दिए जाने को चिंताजनक बताते हुए विभाजनकारी शक्तियों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।राजेश ठाकुर ने कहा कि पूर्वजों की शहादत और साझी विरासत की रक्षा जरूरी है। उन्होंने साझी शहादत, साझी विरासत के साथ साझी सियासत पर जोर दिया। कार्यक्रम को शहजादा अनवर, अरविन्द कुमार सिंह मलखान, रवीन्द्र सिंह, अशोक चौधरी, राकेश्वर पांडेय और आरके सिंह ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता सर्वोदय के अध्यक्ष रियाजुद्दीन खान ने की। संचालन मनोज सिंह, स्वागत महेन्द्र मिश्र और धन्यवाद ज्ञापन राणा सिंह ने किया।
