September 12, 2026
bihar

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को देशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर रहे। जमशेदपुर समेत पूरे कोल्हान में हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। बैंकिंग कामकाज प्रभावित होने के साथ ही करीब 800 करोड़ रुपये के लेनदेन पर असर पड़ने का अनुमान है। वहीं, लगभग 400 बैंक शाखाओं में कामकाज बाधित रहा और करीब 350 एटीएम पर भी इसका प्रभाव पड़ा।
बैंक कर्मचारी संगठनों के अनुसार, वर्ष 2024 में हुए एमओयू के बावजूद पांच दिवसीय बैंकिंग कार्यदिवस की मांग अब तक लंबित है। इसके अलावा पीएलआई (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) में असमानता को लेकर भी बैंककर्मियों में नाराजगी है। संगठनों का आरोप है कि केंद्र सरकार और वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के अड़ियल रवैये के कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
बैंक संगठनों ने कहा कि वर्तमान समय में एल आई सी, ही आई सी, सेबी, नाबार्ड, आर बी आई, आई टी सेक्टर, सिडबी व डीएफएस समेत केंद्र सरकार के कई कार्यालयों में पांच दिवसीय कार्यदिवस लागू है। बैंकिंग क्षेत्र में भी करीब 98 प्रतिशत कामकाज डिजिटल हो चुका है। ऐसे में कर्मचारियों के बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस को ध्यान में रखते हुए पांच दिवसीय बैंकिंग कार्यदिवस लागू किया जाना जरूरी है।
संगठनों ने यह भी कहा कि दुनिया के कई देशों में कार्य के घंटे और कर्मचारियों के वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर नए मॉडल पर चर्चा हो रही है। BRICS देशों की बैठक भारत में आयोजित हो रही है और इन देशों में भी पांच दिवसीय बैंकिंग कार्यदिवस की व्यवस्था है।
हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित रहा। नकद निकासी, जमा, चेक क्लीयरेंस और अन्य बैंकिंग सेवाओं के साथ डिजिटल लेनदेन को लेकर भी ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक कर्मचारी संगठनों ने ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए खेद जताते हुए अपनी जायज मांगों के समर्थन में सहयोग की अपील की।
हड़ताल को सफल बनाने में भारतीय स्टेट बैंक पेंशनर्स एसोसिएशन, जमशेदपुर से जुड़े चमक सेनगुप्ता, टी.एस. कलसी, टी. शशि कुमार, सुभरल राय, सरोज राय, अरूप सेन और भसानी समेत अन्य सदस्यों ने सहयोग किया।

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