भारतीय रेलवे ने अपने सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ-साथ विधवा पास धारकों को दिवाली का बड़ा तोहफा प्रदान किया है क्योंकि 30 अक्टूबर 2026 को जारी रेलवे बोर्ड के नए आदेश के तहत अब पास धारक प्रिविलेज पास और पीआरसीपी के जरिए राजधानी, दुरंतो और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में अपनी पात्रता से उच्च श्रेणी में यात्रा कर सकेंगे, बशर्ते इसके लिए उन्हें दोनों श्रेणियों के किराए के अंतर का पेमेंट करना पड़े, यानी अब रेलवे सर्वेंट्स पास रूल्स 1986 के तहत प्रिविलेज पास, पोस्ट रिटायरमेंट कॉम्प्लिमेंट्री पास और विधवा पास धारक देश की इन प्रमुख वीआईपी ट्रेनों में भी अपनी पात्रता से ऊपर की श्रेणियों में रिजर्वेशन की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे और इसके लिए उन्हें केवल दोनों क्लास के किराए का अंतर ही चुकाना होगा, जबकि रेलवे बोर्ड की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अब तक जो सुविधा सिर्फ मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में मिलती थी, उसे अब प्रीमियम ट्रेनों के लिए भी पूरी तरह से अधिकृत कर दिया गया है क्योंकि इस प्रावधान पर कोई पाबंदी नहीं थी और पुराने भ्रम को मिटाते हुए पिछले सभी निर्देशों को संशोधित करके नया आदेश लाया गया है, साथ ही रेलवे बोर्ड ने इस फैसले को तुरंत अमलीजामा पहनाने के लिए क्रिस के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम और ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम के ई पास मॉड्यूल में तुरंत आवश्यक तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं ताकि कर्मचारी और पेंशनर्स अपने ई पास के माध्यम से प्रीमियम ट्रेनों में उच्च श्रेणी के लिए किराए का अंतर चुकाकर ऑनलाइन तथा ऑफलाइन काउंटर से आसानी से टिकट बुक कर सकें, और यह संशोधित आदेश रेल मंत्रालय के वित्त निदेशालय की पूर्ण सहमति से जारी हुआ है।
