मुजफ्फरपुर के शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में शुक्रवार सुबह जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने छापेमारी की। सुबह 4 बजे से 6:30 बजे तक कार्रवाईचली। जेल के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई, हालांकि टीम को कोई भी आपत्तिजनक या प्रतिबंधित सामान बरामद नहीं हुआ। जेल प्रशासन ने इसे नियमित सुरक्षा जांच का हिस्सा बताया है। पुलिसकर्मियों को अलग-अलग टीमों में बांटकर वार्ड, सेल, अस्पताल और रसोई की तलाशी ली गई। बंदियों के बिस्तर और सामान भी जांचे गए। अधिकारियों ने जेल की अंदरूनी और बाहरी दीवारों के साथ मुख्य द्वारों की सुरक्षा भी देखी। त्योहारों के मद्देनजर जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी का नेतृत्व जिलाधिकारी कुमार गौरव, एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा, नगर पुलिस अधीक्षक सुरेश कुमार, एसडीओ पूर्वी आनंद उत्सव और भूमि सुधार उपसमाहर्ता कर रहे थे। सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए टीम के साथ 150 सशस्त्र पुलिस कांस्टेबल और 36 सब-इंस्पेक्टर (SI) शामिल थे। अचानक हुई इस कार्रवाई से जेल परिसर और बंदियों के बीच हड़कंप मच गया। सीनियर अधिकारियों की निगरानी में पुलिस बल को अलग-अलग टीमों में बांटकर सभी संवेदनशील वार्डों, सेल, अस्पताल परिसर, और रसोई घर की बारीकी से तलाशी ली गई। बंदियों के बिस्तरों, सामानों और उनके व्यक्तिगत वार्डों के गुप्त कोनों को पूरी तरह खंगाला गया। इसके अतिरिक्त, जेल की बाहरी और अंदरूनी सुरक्षा दीवारों तथा मुख्य द्वारों की सुरक्षा व्यवस्था का भी अधिकारियों ने खुद जायजा लिया। आमतौर पर छापेमारी में मोबाइल फोन, चार्जर, तंबारू या अन्य प्रतिबंधित सामग्रियां बरामद होती है, लेकिन ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भी सेंट्रल जेल से कोई भी अवैध वस्तु नहीं मिली। अधिकारियों ने जेल परिसर में साफ-सफाई और सुरक्षा अनुशासन की सराहना की।
