यूपी के सहारनपुर में दो हजार करोड़ रुपये के पुराने नोटों का खजाना होने का झांसा देकर बिहार के दो लोगों से 16 लाख रुपये ठगने वाले 25 हजार के इनामी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बक्सों में भरे दो-दो हजार रुपये के पुराने नोटों का वीडियो दिखाकर पीड़ितों को जाल में फंसाया। तलाशी में उसके कब्जे से 500 रुपये के छह जाली नोट बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने नकली करेंसी के साथ अवैध हथियारों के कारोबार में भी शामिल होने की बात कबूली है। पुलिस के मुताबिक, बिहार के बक्सर जिले के ग्राम दूबोली निवासी कृष्णाकांत दुबे ने 29 अक्टूबर को शाहनवाज निवासी मिर्जापुर पोल, विशाल त्यागी निवासी जटिकारा दिल्ली और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि पुराने नोट बदलवाने और एंटीक सामान में मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर उनसे 16 लाख रुपये हड़प लिए गए। रकम वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई। सीओ नगर द्वितीय विकास प्रताप चौहान की निगरानी और प्रभारी निरीक्षक नेमचंद सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुरुवार को आरोपी शाहनवाज को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने दिल्ली में रहने वाले साथी समेत अन्य लोगों के साथ नकली नोटों के कारोबार की बात बताई। पंजाब से अवैध बंदूकें और कारतूस लाकर बेचने की बात भी कबूल की। आरोपी के मुताबिक, उसका भाई हसन और भतीजा अर्सलान हथियारों के कारोबार में शामिल रहे हैं। दोनों को इसी महीने मिर्जापुर पुलिस हथियारों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
आरोपी ने जमीन के विवाद में हथियारों के दम पर लोगों को डराकर जमीन खरीदने-बेचने की बात भी बताई। पुलिस अब उसके नेटवर्क, अन्य साथियों और आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। सहारनपुर एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बताया, पुराने नोटों और मोटे मुनाफे का लालच देकर लोगों से ठगी करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी से जाली करेंसी बरामद हुई है। पूछताछ में नकली नोट और अवैध हथियारों के कारोबार से जुड़े लोगों की जानकारी मिली है। पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। पुराने नोटों का खजाना दिखाकर 16 लाख की ठगी के मामले में नकली करेंसी का मामला बिहार में सामने आया। पीड़ित कृष्णाकांत दुबे का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें कुछ 500 रुपये के नोट असली बताकर दिए थे। उन्हें भरोसा था कि ये नोट बाजार में चल जाएंगे, लेकिन बिहार पहुंचने पर जब उन्होंने इन्हें चलाने की कोशिश की तो नोट नकली निकले। इसके बाद कृष्णाकांत दुबे अपने साथी मनुरंजन कुमार सिन्हा के साथ सहारनपुर पहुंचे। उन्होंने आरोपियों से अपनी रकम वापस मांगी। पीड़ित का आरोप है कि रकम लौटाने के बजाय उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद पीड़ित ने 29 अक्टूबर को सदर बाजार थाने में शाहनवाज, विशाल त्यागी और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच के बाद 25 हजार के इनामी शाहनवाज को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके पास से 500 रुपये के छह जाली नोट बरामद हुए। गिरफ्तार शाहनवाज से पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने अवैध हथियारों के कारोबार से जुड़ी जानकारी भी आई है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह अपने साथियों के साथ पंजाब से अवैध बंदूकें और कारतूस लाकर यूपी-बिहार में बेचता था। पुलिस अब इस दावे के आधार पर हथियारों की सप्लाई चेन और खरीददारों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में शाहनवाज ने अपने भाई हसन और भतीजे अर्सलान के भी हथियारों के कारोबार में शामिल होने की बात बताई है। दोनों को इसी महीने एसटीएफ की टीम मिर्जापुर पुलिस हथियारों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। ऐसे में पुलिस अब इस परिवार और उससे जुड़े लोगों के नेटवर्क की जांच कर रही है। आरोपी ने जमीन के विवादों में भी हथियारों के इस्तेमाल की बात बताई। उसके मुताबिक, कुछ मामलों में हथियारों के दम पर लोगों को डराकर जमीन खरीदने और बेचने का काम किया जाता था। पुलिस इस पहलू की भी गंभीरता से जांच रही है। जांच एजेंसियों के सामने अब कई सवाल हैं। पंजाब से हथियार कौन उपलब्ध कराता था? इन्हें सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में किन लोगों को बेचा जाता था? क्या नकली करेंसी और हथियारों के कारोबार के लिए एक ही नेटवर्क काम कर रहा था। इन सभी बिंदुओं पर पुलिस जानकारी जुटा रही है।
