सिविल सर्जन डा. साहिर पॉल ने कहा कि जिले में संचालित निजी और सरकारी रूप से संचालित टेस्टिंग लैब उत्सर्जित वायो मेडिकल वेस्ट (कचड़ा) का निस्तारण झारखंड प्रदूषण बोर्ड के निदेशानुसार किया जाना है, लेकिन कुछ लैब द्व दिशानिर्देश का उल्लंघन कर बायोमेडिकल वेस्ट का सर्वजनिक स्थान पर गैरजिम्मेदार बन कर फेंका जा रहा है।
उन्होंने नोटिस जारी कर वैसे सभी टेस्टींग लैब को अंतिम चेतावनी दी जाती है कि सभी वायोमेडिकल वेस्ट का निपटारा करने वाले संस्थान से संबद्धता प्राप्त कर कचरे का नियम संम्मत निपटारा करना सुनिश्चित करेंगे। इसके उल्लंघन करते हुए पकड़े जाने पर झारखण्ड प्रदुषण बोर्ड के निर्धारित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
