पटना में सोमवार को प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग छात्रों पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान छात्रों की ओर से पुलिस पर पत्थरबाजी की गई। इसमें एसपी कोमल मीणा बाल-बाल बच गईं। उन्होंने हेलमेट पहन रखा था, जिसके कारण पत्थर उनके हेलमेट पर आकर लगा। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज करने की कोशिश की, लेकिन छात्रों ने राष्ट्रगान गाना शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा ने महिला पुलिसकर्मी के हाथ में दांत काट लिया। इसके बाद पुलिसकर्मी छात्रा को अपने साथ ले जाने लगी, लेकिन छात्रा उससे उलझ गई। नर्सिंग छात्रों के प्रदर्शन में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी शामिल हुए।
इससे पहले छात्र-युवाओं के साथ मजदूर और किसान भी सड़क पर उतरे। सभी अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर आक्रोश मार्च निकाला। जेपी गोलंबर पर कुछ ही सेकेंड में प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ने लगे।
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारी डाकबंगला पहुंचे। यहां प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कंटीले तारों से बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने यहां भी बैरिकेडिंग तोड़ दी।
इस दौरान प्रदर्शनकारी ने पुलिस को चप्पल दिखाई। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी डांस करते नजर आए। थोड़ी देर बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
इसमें 4 छात्रों के सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। छात्र अपनी मांगों को लेकर सीएम हाउस का घेराव करने निकले थे। वहीं, माले कार्यकर्ता लोकभवन का घेराव करने निकले थे। अलग-अलग संगठनों के लोग ‘मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ लिखे पोस्टर लेकर डाकबंगला पहुंचे।प्रदर्शनकारी अविनाश ने कहा, “प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और नियमितता होनी चाहिए और जवाबदेही तय की जानी चाहिए। वैकेंसी नहीं निकाली जा रही हैं और यूनिवर्सिटी में सेशन भी लेट चल रहे हैं। बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है। इन्हीं सभी सवालों को लेकर आज हम राजभवन मार्च कर रहे हैं।” बिहार के मेडिकल छात्र आज अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भी छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होंगे।
छात्रों की प्रमुख मांग बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BUHS) में स्थाई कुलपति की नियुक्ति की है। छात्रों का कहना है कि स्थायी कुलपति की नियुक्ति होने से शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर होगी। छात्रों ने सत्र को नियमित करने की मांग भी रखी है। मार्च की शुरुआत गांधी मैदान से होगी। यहां से प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर, डाकबंगला, तारामंडल, इनकम टैक्स गोलंबर और बिहार म्यूजियम होते हुए लोक भवन की ओर जाएंगे।
भाकपा के मुताबिक, किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन, ट्रेड यूनियन, बिहार महिला समाज, यूथ फेडरेशन, स्टूडेन्ट्स फेडरेशन समेत विभिन्न जन संगठन मार्च में शामिल हो रहे हैं।
