जमशेदपुर में लगातार ट्रेनों की लेटलतीफी, यात्री ट्रेनों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिलने और रेल परिचालन की बदहाल स्थिति को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच टाटानगर रेलवे स्टेशन पर हाई लेवल बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जमशेदपुर रेल यात्री संघर्ष समिति के आह्वान पर दक्षिण पूर्व रेलवे के शीर्ष अधिकारियों और समिति के प्रतिनिधियों के बीच हुई। बैठक में यात्रियों की समस्याओं, ट्रेनों की देरी, मालगाड़ियों के बढ़ते दबाव और रेलवे की भविष्य की योजनाओं पर गंभीर चर्चा हुई।
बैठक में समिति के संरक्षक एवं सरयू राय, समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह, दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन, चक्रधरपुर मंडल के वरिष्ठ डीआरएम, डीआरएम सहित रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान सरयू राय और शिव शंकर सिंह ने ट्रेनों की लेटलतीफी का मुद्दा बेहद आक्रामक ढंग से उठाया। सरयू राय ने कहा कि रेलवे की वर्तमान परिचालन व्यवस्था से आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि ट्रेनों के लगातार विलंब से केवल यात्रियों का समय ही बर्बाद नहीं हो रहा बल्कि इससे सामाजिक, आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि रेलवे को मालगाड़ियों से भले राजस्व मिलता हो, लेकिन यात्रियों के समय की बर्बादी से देश की उत्पादकता को कहीं अधिक नुकसान हो रहा है। सरयू राय ने रेलवे अधिकारियों के समक्ष पिछले डेढ़ महीने का ट्रेनों का लेट रिकॉर्ड भी प्रस्तुत किया और कहा कि कई बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ है।
बैठक में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान में रेलवे नेटवर्क पर मालगाड़ियों को अत्यधिक प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि यात्री ट्रेनें घंटों तक आउटर और स्टेशनों पर खड़ी रहती हैं। उन्होंने साफ कहा कि यदि यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता नहीं दी गई तो आम जनता का आक्रोश और बढ़ेगा।
वहीं रेल यात्री संघर्ष समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह ने कहा कि टाटानगर और चक्रधरपुर मंडल से गुजरने वाली अधिकांश ट्रेनें निर्धारित समय से काफी देर से चल रही हैं। इससे नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, मरीजों और लंबी दूरी के यात्रियों को गंभीर परेशानी उठानी पड़ रही है।
“अब पहले यात्री ट्रेनें चलेंगी”: जीएम अनिल कुमार जैन
बैठक में दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन ने समिति को भरोसा दिलाया कि रेलवे अब यात्री ट्रेनों की समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा। उन्होंने कहा कि अब पहले यात्री ट्रेनों को पास कराया जाएगा और उसके बाद मालगाड़ियों को परिचालन की अनुमति दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि ट्रेनों की लेटलतीफी की निगरानी के लिए विशेष मॉनिटरिंग व्यवस्था बनाई गई है और इसके लिए एक अलग अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। रेलवे प्रशासन लगातार परिचालन की समीक्षा कर रहा है और आने वाले समय में स्थिति में स्पष्ट सुधार दिखाई देगा।
जीएम ने यह भी कहा कि दक्षिण पूर्व रेलवे क्षेत्र में रेल मोबिलिटी और क्षमता बढ़ाने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद टाटानगर, आदित्यपुर, सिनी, राजखरसावां और चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों की आवाजाही काफी सुगम हो जाएगा।
बैठक में समिति के संरक्षक एवं सरयू राय, समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह, दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन, चक्रधरपुर मंडल के वरिष्ठ डीआरएम, डीआरएम सहित रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान सरयू राय और शिव शंकर सिंह ने ट्रेनों की लेटलतीफी का मुद्दा बेहद आक्रामक ढंग से उठाया। सरयू राय ने कहा कि रेलवे की वर्तमान परिचालन व्यवस्था से आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि ट्रेनों के लगातार विलंब से केवल यात्रियों का समय ही बर्बाद नहीं हो रहा बल्कि इससे सामाजिक, आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
