भारत और वैश्विक बाजारों में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित हाइपरस्केल डेटा सेंटर्स की तेजी से बढ़ती मांग के बीच घरेलू दूरसंचार उपकरण निर्माताओं के लिए बड़े व्यावसायिक अवसर पैदा हो गए हैं। नई दिल्ली से २७ मई २०२६ को जारी इस विशेष औद्योगिक रिपोर्ट के अनुसार, टाटा कम्युनिकेशंस, एचएफसीएल, तेजस नेटवर्क्स, प्रताप टेक्नोक्रेट्स और स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज जैसी प्रमुख भारतीय कंपनियों ने टेलीकॉम सेक्टर की पारंपरिक कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर डेटा सेंटर और एआई-संचालित बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कदम बढ़ाए हैं। केंद्र सरकार ने देश को क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई का ग्लोबल हब बनाने तथा ‘विकसित भारत २०४७’ के विजन को साकार करने के लिए भारत में डेटा सेंटर के माध्यम से क्लाउड सेवाएं देने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों को २० साल का टैक्स हॉलिडे देने की घोषणा की है। इस रणनीतिक रुख से जहां एक तरफ ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भारी बल मिल रहा है, वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज और अदाणी समूह जैसे दिग्गज घरेलू कॉरपोरेट्स ने भी एआई डेटा सेंटर्स के विकास के लिए सामूहिक रूप से २१० बिलियन डॉलर से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।
विभिन्न कंपनियों द्वारा साझा की गई वित्तीय और तकनीकी रणनीतियों के अनुसार, टाटा कम्युनिकेशंस अपने २५ वैश्विक टियर-३ और एआई-अनुकूलित डेटा सेंटर्स के नेटवर्क के जरिए वैश्विक बाजार में डेटा सेंटर-टू-डेटा सेंटर कनेक्टिविटी के क्षेत्र को भुनाने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसके वर्ष २०३० तक १ बिलियन डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। दूसरी ओर, दिल्ली की एचएफसीएल हाइपरस्केल डेटा सेंटर्स के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल्स की बढ़ती मांग के चलते अपनी सहायक कंपनी एचटीएल लिमिटेड की उत्पादन क्षमता को कई गुना बढ़ा रही है, जिससे उसे वित्त वर्ष २०२७ में ४०० करोड़ रुपये और वित्त वर्ष २०२८ में ८०० करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है। टाटा समूह की कंपनी तेजस नेटवर्क्स ने भारत के अग्रणी टेलीकॉम ऑपरेटर को भविष्य की टेराबिट-स्केल कनेक्टिविटी के लिए १००जी और ४००जी वेवलेंथ डिवीजन मल्टीप्लेक्सिंग प्रणालियों की भारी खेप भेजी है और अपनी एज एआई क्षमताओं को बढ़ाने के लिए टीसीएस व अन्य ऑपरेटरों के साथ गहन साझेदारी की है। इसके अतिरिक्त, प्रताप टेक्नोक्रेट्स ने जहां भारतनेट फेज-३ और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों में अनुबंध हासिल कर अंतरराष्ट्रीय विस्तार की योजना बनाई है, वहीं स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज को एक हाइपरस्केल ऑपरेटर से १.११ बिलियन डॉलर का बड़ा बहु-वर्षीय अनुबंध मिला है, जिससे कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष २०२७ तक उसके कुल राजस्व में डेटा सेंटर और एंटरप्राइज सेगमेंट की हिस्सेदारी बढ़कर ३० प्रतिशत हो जाएगी।
