मंगलवार को लंदन के ली वैली हॉकी और टेनिस सेंटर में खेले गए रोमांचक FIH प्रो लीग मैच में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ अपना दबदबा बनाए रखते हुए 4-3 से मुश्किल जीत हासिल की। जर्मनी और नीदरलैंड जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ हालिया जीत के बाद भारत इस मैच में जीत की प्रबल दावेदार के तौर पर उतरा था। हालांकि, मैच की शुरुआत से ही ज़बरदस्त एक्शन देखने को मिला और लंदन में मौजूद दर्शकों का आखिरी सेकंड तक भरपूर मनोरंजन हुआ।
पहले क्वार्टर की शुरुआत में ही पाकिस्तान ने बड़ा उलटफेर किया, जब अहमद नदीम ने आठवें मिनट में एक बेहतरीन पेनल्टी कॉर्नर वेरिएशन के ज़रिए पहला गोल दागा। भारत ने दूसरे क्वार्टर में शानदार खेल दिखाते हुए वापसी की और अभिषेक (22वें मिनट) व नीलाकांता शर्मा (24वें मिनट) के तेज़ फील्ड गोल से मैच का रुख बदल दिया। दूसरे हाफ में सुखजीत सिंह और राजिंदर सिंह के गोल ने भारत की बढ़त को 4-1 तक पहुंचा दिया, जिससे ऐसा लगा कि मुकाबला पाकिस्तान की पहुंच से काफी दूर हो गया है।
हार न मानते हुए पाकिस्तान ने मैच के आखिरी समय में अपने हमले तेज़ कर दिए और भारत की डिफेंस की गलतियों का फायदा उठाया। पाकिस्तान के कप्तान अबू महमूद ने 53वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला और भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा को छकाते हुए गेंद को नेट में पहुंचाया। आखिरी मिनट में मईन शकील ने पाकिस्तान के आठवें पेनल्टी कॉर्नर से मिले रिबाउंड पर गोल किया और हार के अंतर को एक गोल तक कम कर दिया, ठीक उसी समय आखिरी हूटर बजा और भारत की जीत पक्की हो गई।
इस जीत के साथ ही 2016 से पाकिस्तान के खिलाफ भारत का ऐतिहासिक अजेय सिलसिला जारी रहा, लेकिन इसने भारतीय हेड कोच क्रेग फुल्टन के लिए चिंता के कुछ अहम पहलू भी उजागर किए। शूटिंग सर्कल के अंदर बेहतरीन खेल दिखाने के बावजूद, भारत अपने 11 पेनल्टी कॉर्नर में से किसी को भी गोल में नहीं बदल पाया और मैच के आखिरी समय में सेट-पीस गंवाने की खतरनाक प्रवृत्ति भी दिखाई। इस नतीजे के बाद पाकिस्तान लगातार 13 हार के साथ स्टैंडिंग में सबसे नीचे बना हुआ है और उसका रेलीगेशन तय हो गया है, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले से पहले भारत 13 अंकों पर पहुंच गया है।
