भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका दौरे पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए पहुंच चुकी है। सीरीज का पहला मुकाबला शनिवार से गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच से पहले सभी की निगाहें गॉल की पिच पर टिकी हैं, क्योंकि विकेट का मिजाज दोनों टीमों की प्लेइंग-11 और रणनीति पर असर डाल सकता है।
गॉल की पिच को आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों का स्वर्ग माना जाता है। मैच के शुरुआती दौर में बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान रहता है, लेकिन जैसे-जैसे मुकाबला आगे बढ़ता है, विकेट में टूट-फूट शुरू हो जाती है और स्पिनरों को ज्यादा मदद मिलने लगती है।
इस बार हालांकि गॉल की पिच का मिजाज कुछ बदला हुआ दिखाई दे रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मैच से दो दिन पहले विकेट वैसा नजर नहीं आ रहा था, जैसा आमतौर पर गॉल में देखने को मिलता है। ऐसे में यह संभावना भी जताई जा रही है कि गेंद इस बार उम्मीद के मुताबिक ज्यादा टर्न नहीं करेगी।
पिच फिलहाल सूखी जरूर है, लेकिन इसे रैंक टर्नर नहीं कहा जा सकता। गुरुवार को विकेट पर ज्यादा पानी नहीं डाला गया, जिससे माना जा रहा है कि पहले ही दिन पिच में बड़ी दरारें पैदा करने की कोशिश नहीं की गई। हालांकि, गॉल में हाल के टेस्ट मैचों का इतिहास बताता है कि शुरुआती दो दिन बल्लेबाजों को फायदा मिल सकता है, जबकि तीसरे दिन के बाद स्पिनरों का दबदबा बढ़ने लगता है।
भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने भी विकेट को अच्छी बताया है। उनका मानना है कि पिच पर मुकाबले के दौरान कुछ न कुछ जरूर होगा। मोर्केल ने यह भी कहा कि टीम इंडिया ने पिच से मिलने वाली हर संभावित चुनौती के लिए अपनी तैयारी कर ली है।
