जमशेदपुर में पेट्रोल-डीजल की आपर्ति में कटौती का असर अब शहर की सडक़ो पर साफ दिखने लगा है. गुरुवार को जमशेदपुर की प्रमुख सडक़ों पर सामान्य दिनों की तुलना में वाहनों की संख्या कम नजर आयी. वहीं दूसरी ओर खुले पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं. कई पेट्रोल पंपों के बंद रहने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई। शहर के साकची, बिष्टुपुर, मानगो, कदमा, सोनारी और गोलमुरी समेत कई जगहों में वाहन चालकों को घंटों लाइन में लगकर पेट्रोल-डीजल लेना पड़ा. कई लोग एक साथ अधिक मात्रा में ईंधन भरवाते दिखे, जिससे पंपों पर भीड़ और बढ़ गई. कुछ पेट्रोल पंपों पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतार सडक़ तक पहुंच गई. कई लोगों ने आशंका जताई कि यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो दैनिक जीवन और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. बस और मालवाहक वाहन संचालकों ने भी चिंता जतायी है. उनका कहना है कि डीजल की कमी से लंबी दूरी की बसों और ट्रकों के परिचालन पर असर पड़ सकता है. वहीं ऑटो चालकों ने कहा कि घंटों लाइन में लगने से उनकी आमदनी प्रभावित हो रही है।
पेट्रोल-डीजल संकट से कालाबाजारी की आशंका बढ़ी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पेट्रोल-डीजल की खपत में कटौती को लेकर दिए गए बयान के बाद शहर में पेट्रोल पंपों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया है. कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की सीमित आपूर्ति, नगद भुगतान की मांग और वाहनों की लंबी कतारों से आम लोगों के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट कारोबार भी प्रभावित हो रहा है. स्थिति को देखते हुए कालाबाजारी की आशंका भी जताई जा रही है। जमशेदपुर ट्रक-ट्रेलर एसोसिएशन के अध्यक्ष जसवीर सिंह सिरे ने जिला प्रशासन, राज्य सरकार व केन्द्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने कहा कि कई पेट्रोल पंपों पर स्कैनर या डिजिटल पेमेंट लेने से इनकार कर नगद राशि मांगी जा रही है जिससे वाहन चालकों और आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है. उन्होंने बताया कि कई पेट्रोल पंपों पर मोटरसाइकिल चालकों को मात्र 100 रुपये का पेट्रोल और ट्रकों को केवल 100 लीटर डीजल दिया जा रहा है. ऐसे में लंबी दूरी तय करने वाले ट्रक चालकों व वाहन मालिकों की चिंता बढ़ गई है कि वे एक राज्य से दूसरे राज्य तक मालवाहक वाहनों का संचालन कैसे करें. कई ट्रक और ट्रेलर रास्तों में फंसे हुए हैं, जबकि चालक इस दुविधा में हैं कि सफर के दौरान कितनी नगद राशि लेकर चलें।
जसवीर सिंह सिरे ने कहा कि इसका असर केवल ट्रांसपोर्ट सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। ट्रांसपोर्टरों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पेट्रोल पंपों की सख्त निगरानी करने जिससे कालाबाजारी नहीं हो।
पेट्रोल-डीजल संकट से लंबी दूरी की बस सेवाओं पर असर, किराया बढऩे की आशंका
पेट्रोल-डीजल को लेकर बनी अनिश्चितता व संभावित मूल्य वृद्धि के बीच लंबी दूरी की बस सेवाओं के संचालन पर संकट गहराने लगा है. बस संचालकों का कहना है कि मौजूदा हालात में परिचालन लागत बढऩे से यात्रियों के किराये पर भी असर पड़ सकता है. बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राम उदय सिंह ने कहा कि पेट्रोल-डीजल को लेकर जो स्थिति बनी हुई है, उससे बस मालिकों की परेशानी लगातार बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि यदि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते हैं तो मजबूरन बस किराये में बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है, हालांकि ज्यादा किराया बढ़ाना भी आसान नहीं होगा, क्योंकि इससे यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा. उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में बस संचालकों के लिए कम खर्च में परिचालन करना ही बेहतर विकल्प होगा. उन्होंने कहा कि सबसे अधिक परेशानी लंबी दूरी की बसों को हो रही है. जिन बस मालिकों के पास दो या तीन बसें हैं, उन्हें सीमित संख्या में बसें चलाकर यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाना होगा. वहीं जिन मालिकों के पास एक या दो बसें हैं, उन्हें आपसी तालमेल के साथ अल्टरनेट दिनों में बसों का परिचालन करना पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी इसी तरह की व्यवस्था अपनायी गई थी, जब सीमित संसाधनों और कम यात्रियों के बीच बसों का संचालन किया गया था. वर्तमान हालात को देखते हुए बस संचालकों के सामने एक बार फिर वैसी ही चुनौती खड़ी होती दिखाई दे रही है. उन्होंने कहा कि यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है व यात्रियों को भी अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
चैम्बर ने की लोगों से संयम बरतने की अपील
सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने झारखंड सहित जमशेदपुर में पेट्रोल एवं डीज़ल की वर्तमान स्थिति को लेकर आम नागरिकों से संयम बनाए रखने की अपील की है. बीते कुछ दिनों से पेट्रोल एवं डीज़ल की उपलब्धता को लेकर लोगों में चिंता एवं अनावश्यक भय का वातावरण देखा जा रहा है, जिसके कारण कई पेट्रोल पंपों पर अत्यधिक भीड़ व जरूरत से अधिक ईंधन संग्रह करने की प्रवृत्ति बढ़ी है. चैम्बर अध्यक्ष मानव केडिया ने इस संबंध में उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम राजीव रंजन से बातचीत कर स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की. उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है व पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने हेतु आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सोने के आभूषणों की खरीद, विदेशी यात्राओं व खाद्य तेलों के सीमित उपयोग को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी थी. वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेषकर मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के कारण लोगों में स्वाभाविक चिंता उत्पन्न होना समझा जा सकता है, लेकिन अफवाहों एवं अनावश्यक घबराहट से स्थिति और जटिल हो सकती है. चेंबर ने पेट्रोलियम कंपनियों से आग्रह किया है कि वे अपनी सप्लाई चेन एवं ईंधन उपलब्धता की नियमित मॉनिटरिंग करें तथा सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त आपूर्ति करें।
