गूगल ट्रांसलेट ने अपनी सेवा के बीस वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस अवसर पर कंपनी ने एक नया एआई-संचालित ‘उच्चारण अभ्यास’ फीचर पेश किया है। यह टूल उपयोगकर्ता की आवाज का विश्लेषण करता है और उन्हें बोलने का अभ्यास करने के दौरान तत्काल फीडबैक देता है, ताकि वे अपनी स्पष्टता में सुधार कर सकें। वर्तमान में यह सुविधा भारत और अमेरिका सहित चुनिंदा क्षेत्रों में एंड्रॉइड उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है और यह हिंदी, अंग्रेजी और स्पेनिश जैसी भाषाओं का समर्थन करती है।
साल दो हजार छह में एक छोटे प्रयोग के रूप में शुरू हुआ गूगल ट्रांसलेट अब ‘जेमिनी’ जैसे उन्नत एआई मॉडल का उपयोग करता है, जिससे अनुवाद अधिक प्राकृतिक और सटीक हो गया है। कंपनी ने बताया कि अब ‘लाइव ट्रांसलेट’ जैसे फीचर्स के माध्यम से लोग पांच मिनट से भी अधिक लंबी बातचीत रीयल-टाइम में कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, गूगल ने टेक्स्ट को इमोजी में बदलने और ‘सर्कल टू सर्च’ के माध्यम से गानों के बोल या सौंदर्य उत्पादों के निर्देशों को समझने जैसी नई खूबियों को भी जोड़ा है, जो इस सेवा को दैनिक जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बनाती हैं।
