August 24, 2026
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TMBU में सिंडिकेट की आपात बैठक प्रभारी कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा की अध्यक्षता में हुई। ऑनलाइन मोड में हुई बैठक में एक लोअर डिवीजनल क्लर्क पर गाज गिरी है।
दरअसल निर्धारित वेतन से अधिक भुगतान पाने वाले लोअर डिवीजनल क्लर्क का वेतन जांच पूरी होने तक रोकने का निर्देश दिया गया है। प्रभारी कुलपति ने कहा कि कुछ कर्मियों ने गलत तरीके से वेतन सत्यापन कोषांग से वेतन का निर्धारण करा लिया है। पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। कमेटी की रिपोर्ट आने तक संबंधित कर्मियों को वेतन नहीं मिलेगा। बैठक में सिंडिकेट सदस्य प्रो. केके मंडल ने सुझाव दिया कि सरकार की ओर से वेतन भुगतान पहले ही देर से किया गया है, इसलिए फिलहाल कर्मियों का वेतन नहीं रोका जाए। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाए। हालांकि प्रभारी कुलपति ने इसे वित्तीय मामला बताते हुए सुझाव स्वीकार नहीं किया। बताया गया कि शिक्षा विभाग ने भी वेतन से संबंधित पत्र में इस तरह की गड़बड़ी पर रोक लगाते हुए नियमानुसार भुगतान करने का निर्देश दिया था। नए डिग्री कालेजों में प्रतिनियुक्ति पर प्रभारी प्राचार्य बनाए गए शिक्षकों की मूल कालेज में वापसी के मामले पर भी सिंडिकेट ने विचार किया। लोक भवन के पूर्व निर्देश के आलोक में तय किया गया कि फिलहाल उन्हीं शिक्षकों की वापसी पर विचार होगा, जिन्होंने बीमारी या सर्जरी को इसका कारण बताया है। संबंधित मामलों की गंभीरता की जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा। इसके लिए प्रभारी कुलपति को अधिकृत किया गया। एक और दो जुलाई को हुई चयन समिति की बैठकों में पांच शिक्षकों की प्रोन्नति की प्रभावी तिथि में बदलाव पर सहमति बनी। बताया गया कि इनकी प्रभावी तिथि पहले गलत दर्ज हो गई थी। डॉ. निर्लेश कुमार ने लंबित प्रोन्नति की प्रक्रिया का मामला उठाया। इस पर रिपोर्ट दोबारा रेफरी के पास भेजने का निर्णय लिया गया। नए डिग्री कालेजों में नियुक्त संविदा शिक्षकों के अनुमोदन पर भी सिंडिकेट ने सहमति दी। कुछ शिक्षकों ने देर से योगदान करने की अनुमति मांगी थी, जिस पर भी बैठक में सहमति दी गई। इसके अलावा विभिन्न विषयों के कुछ शिक्षकों की सेवा संपुष्टि के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

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