October 1, 2026
foundation day

सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) में 85वां सीएसआईआर स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अनुपम मिश्रा मुख्य अतिथि तथा सीएसआईआर-एनएमएल के पूर्व निदेशक डॉ. इंद्रनील चट्टोराज विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधुरी, प्रशासन नियंत्रक जय शंकर शरण, वैज्ञानिक, सेवानिवृत्त कर्मचारी और आमंत्रित अतिथि मौजूद थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और ‘वंदे मातरम्’ से हुआ।
इस मौके पर मुख्य अतिथि हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अनुपम मिश्रा ने कार्यस्थल पर सुरक्षा, कर्मचारी कल्याण, जवाबदेही और वैज्ञानिक उत्कृष्टता की संस्कृति को संस्थागत विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
स्थापना दिवस व्याख्यान में श्री मिश्रा ने कहा कि अनुसंधान के परिणामों को औद्योगिक जरूरतों से जोड़ने के लिए वैज्ञानिक संस्थानों और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अनुसंधान एवं औद्योगिक अनुप्रयोगों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे वैज्ञानिक उपलब्धियों को व्यावहारिक उपयोग में लाने की दिशा में गति मिलेगी।
मानव संसाधन प्रबंधन का उल्लेख करते हुए उन्होंने 24–48 सिद्धांत और 2–3/20–25 सिद्धांत की चर्चा की। उन्होंने कहा कि नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों को आरामदायक कार्यालय में बैठकर काम करने के साथ-साथ कठिन परिस्थितियों में कार्यरत कर्मचारियों की चुनौतियों और जरूरतों को भी समझना चाहिए। नीतियां बनाते समय यह भी ध्यान रखना चाहिए कि नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी कुछ वर्षों के बाद आगे बढ़ जाएंगे, जबकि संस्था के अनेक कर्मचारी अगले 20–25 वर्षों तक वहां कार्यरत रहेंगे।
श्री मिश्रा ने संस्थागत प्रगति के लिए निरंतर सीखने, ज्ञान के आदान-प्रदान, दीर्घकालिक योजना, सशक्त नेतृत्व, नवाचार और योजनाओं के व्यावहारिक क्रियान्वयन को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक एवं औद्योगिक संस्थानों की जिम्मेदारी केवल अनुसंधान तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के विकास में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और उद्योगों के साथ मजबूत सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया। समारोह में उन्होंने संस्थागत उत्कृष्टता के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
डॉ. संदीप घोष चौधुरी ने सीएसआईआर की 85 वर्षों की वैज्ञानिक यात्रा और डॉ. शांति स्वरूप भटनागर के योगदान को याद करते हुए कहा कि एनएमएल ने विज्ञान, उद्योग और तकनीक के बीच सेतु का कार्य किया है।
डॉ. इंद्रनील चट्टोराज ने आत्मनिर्भर भारत 2047 के लिए क्रिटिकल मिनरल्स, उन्नत पदार्थ, पुनर्चक्रण और सतत विनिर्माण में स्वदेशी तकनीक विकसित करने पर जोर दिया। मुख्य अतिथि अनुपम मिश्रा ने कार्यस्थल सुरक्षा, कर्मचारी कल्याण, जवाबदेही, नवाचार और उद्योग-अनुसंधान संस्थानों के बेहतर सहयोग को जरूरी बताया।
मेधावी विद्यार्थियों व प्रतिभागियों का सम्मान
समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं, मेधावी विद्यार्थियों, 25 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों तथा हाल में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कक्षा 12वीं में विज्ञान विषयों में 90 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त करने वाले सोहम वर्मा, मान्या गुप्ता, तान्या सना रुंडा, आदर्श कुमार उपाध्याय और सिद्धांत दाश को ₹6,000 का मेधावी छात्र पुरस्कार दिया गया। तान्या सना रुंडा ने कंप्यूटर साइंस में 100 प्रतिशत अंक हासिल किए।
कर्मचारियों के आश्रित बच्चों के लिए निबंध, प्रश्नोत्तरी और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। कार्यक्रम के अंत में प्रशासन नियंत्रक जय शंकर शरण ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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