खनन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड ने अपने व्यापारिक ढांचे में बड़े बदलाव की घोषणा की है। कंपनी के निदेशक मंडल ने निर्णय लिया है कि एल्युमीनियम, बिजली, तेल और गैस, तथा लौह अयस्क जैसी प्रमुख इकाइयों को अलग-अलग स्वतंत्र और सूचीबद्ध कंपनियों में विभाजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पुनर्गठन प्रक्रिया की प्रभावी तिथि १ मई, २०२६ तय की गई है, जिससे कंपनी के विभिन्न व्यवसायों को अपनी विशिष्ट पहचान और संचालन क्षमता बढ़ाने का मौका मिलेगा।
कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को दी गई आधिकारिक सूचना में बताया कि २० अप्रैल, २०२६ को हुई बोर्ड बैठक में इस योजना को अंतिम मंजूरी दे दी गई है। इस रणनीतिक कदम का मुख्य उद्देश्य चल रही पुनर्गठन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना और निवेशकों के लिए मूल्य सृजन करना है। १ मई, २०२६ से यह विभाजन आधिकारिक तौर पर लागू हो जाएगा, जिसके बाद वेदांता के ये विभिन्न क्षेत्र स्वतंत्र रूप से शेयर बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
