विक्रमशिला सेतु और उसके पहुंच पथ पर सोमवार की दोपहर से शाम के बीच लगभग तीन घंटे तक भयंकर महाजाम की स्थिति बनी रही। नवगछिया के जाह्नवी चौक से लेकर भागलपुर के जीरोमाइल तक वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे समूचा यातायात तंत्र पूरी तरह चरमरा गया। चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी के बीच घंटों फंसे रहने के कारण राहगीरों, दैनिक यात्रियों और विशेषकर स्कूली बच्चों का हाल बेहाल रहा
यातायात पुलिस के अनुसार, जाम का मुख्य कारण पुल पर दो बड़े वाहनों में आई अचानक यांत्रिक खराबी रही। एक के बाद एक दो गाड़ियों के बीच रास्ते में बंद हो जाने से दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। देखते ही देखते सेतु से लेकर जीरोमाइल और बरारी की ओर वाहनों का रेला लग गया। दोपहर के वक्त स्कूल की छुट्टी होने के कारण दर्जनों स्कूली बसें और वैन भी इस महाजाम के चंगुल में फंस गईं। घंटों गाड़ियां रेंगने के कारण बच्चे भूख और प्यास से बिलबिला उठे। बरारी और जीरोमाइल के समीप हालात ऐसे बन गए कि लोग वाहनों को सड़क पर ही खड़ा कर आसपास की दुकानों की ओर दौड़ पड़े और बोतलबंद पानी खरीदकर प्यास बुझाई। आम यात्रियों को गंगा के आर-पार जाने में भारी फजीहत झेलनी पड़ी। विक्रमशिला सेतु पर पहिए थमने का सीधा असर भागलपुर शहर की आंतरिक सड़कों पर भी साफ दिखाई दिया। तिलकामांझी, कचहरी रोड, घंटाघर-पटल बाबू रोड, खलीफाबाग चौक और स्टेशन रोड में रह-रहकर भीषण जाम लगता रहा। शहरी क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में जुटी पुलिस को टोटो (ई-रिक्शा) चालकों की मनमानी और बेतरतीब ड्राइविंग के चलते भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। चौक-चौराहों पर आड़े-तिरछे टोटो खड़े रहने से जाम और ज्यादा गहरा गया। स्थिति बिगड़ती देख भागलपुर यातायात पुलिस और नवगछिया पुलिस ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। नवगछिया पुलिस व ट्रैफिक जवान जाह्नवी चौक की तरफ से मोर्चा संभाले रहे, वहीं भागलपुर पुलिस की टीम जीरोमाइल से पुल की ओर व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटी रही। खराब हुए दोनों वाहनों को क्रेन व तकनीकी मदद से किनारे कराया गया। पुलिसकर्मियों की करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शाम ढलते-ढलते यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।
