भारत के रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप चैंपियन बनने के बावजूद दुबई में ट्रॉफी की तस्वीर अलग रही। फाइनल के बाद भारतीय टीम ने एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी नहीं ली। मैच खत्म होने के करीब 45 मिनट बाद तक प्रेजेंटेशन सेरेमनी शुरू नहीं होने से इसको लेकर सस्पेंस बना रहा।
बाद में बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और सचिव देवजीत सैकिया भारतीय टीम के साथ हर्डल में दिखाई दिए। दोनों ने खिलाड़ियों के साथ कुछ समय बिताया। इसके बाद प्रेजेंटेशन शुरू हुई, लेकिन टीम इंडिया ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर नहीं आई।
नकवी स्टेज पर मौजूद रहे। श्रीलंकाई खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों को मेडल दिए गए, लेकिन विजेता टीम को ट्रॉफी नहीं सौंपी गई। प्रेजेंटेशन खत्म होने के बाद नकवी भी वहां से निकल गए।
ट्रॉफी को लेकर भारत और नकवी के बीच यह दूसरा ऐसा मामला है। पिछले साल भी भारतीय पुरुष टीम ने एशिया कप जीतने के बाद नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार किया था। उस समय प्रेजेंटेशन में एक घंटे से अधिक की देरी हुई थी। बीसीसीआई की ओर से ट्रॉफी को लेकर पत्र लिखे जाने और कई बैठकें होने के बावजूद भारत को वह ट्रॉफी अब तक नहीं मिली है।
इस बार भारतीय हेड कोच अमोल मजूमदार ने भी साफ किया कि ट्रॉफी नहीं लेने का फैसला बीसीसीआई का है। उन्होंने कहा कि भारत आधिकारिक तौर पर चैंपियन है और ट्रॉफी मिले या न मिले, टीम के लिए इसका कोई फर्क नहीं पड़ता।
मैच में भारत ने 183/5 का मजबूत स्कोर बनाया। शेफाली वर्मा ने 68 और स्मृति मंधाना ने 59 रन की शानदार पारियां खेलीं। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 129 रन की रिकॉर्ड साझेदारी हुई। इसके बाद श्री चरानी ने चार और दीप्ति शर्मा ने तीन विकेट लेकर भारत को खिताब दिला दिया।
