टाटा स्टील की ओर से देश के प्रख्यात भूवैज्ञानिक व दूरदर्शी विचाकर पी एन बोस की जयंती मनायी गई. इस मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि टाटा स्टील के वाइस प्रेसीडेंट रॉ मैटेरियल संदीप कुमार व टाटा वर्कर्स यूनियन के डिप्टी प्रेसीडेंट शैलेश सिंह थे. इस मौके पर भारत के औद्योगिक इतिहास को नई दिशा देने वाले अग्रणी भूवैज्ञानिक प्रमथ नाथ बोस को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके अतुलनीय योगदान को याद किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने पी एन बोस के जीवन व विरासत पर प्रकाश डालते हुए उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया. उन्होंने 1904 में जमशेदजी नसरवानजी टाटा को मयूरभंज क्षेत्र में लौह अयस्क भंडार संबंधी जो ऐतिहासिक पत्र लिखा था, वही आगे चलकर वर्ष 1907 में जमशेदपुर में टाटा स्टील की स्थापना का महत्वपूर्ण आधार बना. भूविज्ञान, खनिज अन्वेषण, वैज्ञानिक अनुसंधान व राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उनका अमूल्य योगदान आज भी पीढिय़ों को प्रेरित करता है. उनका योगदान केवल खनिज की खोजों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने देश में वैज्ञानिक सोच, तकनीकी जागरूकता व औद्योगिक प्रगति को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभायी।
वहीं टाटा स्टील के नेचुरल रिसोर्सेज डिवीजन की ओर से जमशेदपुर स्थित पी एन बोस जियोलॉजिकल सेंटर में पी एन बोस के जीवन व योगदान पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया. इस सत्र में भूविज्ञान के क्षेत्र में उनके अग्रणी कार्यों, भारत में खनिज अन्वेषण की दिशा तय करने में उनकी भूमिका तथा देश के औद्योगिक विकास को आकार देने वाली उनकी स्थायी विरासत को विस्तार से याद किया गया. टाटा स्टील ने पी एन बोस के वैज्ञानिक प्रगति, नवाचार, सतत विकास व राष्ट्र निर्माण के प्रति दूरदर्शी विचारों को आगे बढ़ाने के अपने संकल्प को दोहराया।
