September 11, 2026
srhytsrhyt

कल्पना कीजिए कि आपके सामने खाना खाते समय किसी व्यक्ति का अचानक दम घुटने लगे। वह अपने गले को पकड़ रहा हो, बोल नहीं पा रहा हो और सांस लेने में परेशानी हो रही हो। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत सही कदम उठाना जरूरी है, क्योंकि चोकिंग के दौरान कुछ ही मिनट बेहद अहम हो सकते हैं।

खाना या कोई छोटी वस्तु सांस की नली में फंसने से अक्सर चोकिंग की स्थिति पैदा होती है। अगर व्यक्ति खांस पा रहा है, बोल पा रहा है या सांस ले पा रहा है, तो उसे जोर से खांसने के लिए कहें। उसकी पीठ पर तुरंत थपकी देने या मुंह में उंगली डालकर वस्तु निकालने की कोशिश न करें। उसे अकेला न छोड़ें और देखते रहें कि उसकी हालत खराब तो नहीं हो रही। कई मामलों में खांसने से गले में फंसी वस्तु बाहर निकल सकती है।

वहीं, अगर व्यक्ति बोल, खांस या सांस नहीं ले पा रहा है, उसकी खांसी बेहद कमजोर है या वह गले को पकड़कर संकेत दे रहा है, तो इसे गंभीर चोकिंग माना जा सकता है।

ऐसे में व्यक्ति को थोड़ा आगे की ओर झुकाएं और एक हाथ से सीने को सहारा दें। दूसरे हाथ की हथेली के निचले हिस्से से दोनों कंधों के बीच पीठ पर 5 मजबूत बैक ब्लोज दें। हर वार के बाद देखें कि वस्तु बाहर निकली या नहीं।

अगर इससे रुकावट दूर नहीं होती, तो व्यक्ति के पीछे खड़े होकर उसकी कमर के चारों ओर हाथ रखें। मुट्ठी को नाभि के ठीक ऊपर रखें, दूसरे हाथ से उसे पकड़ें और तेजी से अंदर और ऊपर की ओर 5 झटके दें। जरूरत पड़ने पर 5 बैक ब्लोज और 5 एब्डॉमिनल थ्रस्ट्स का क्रम दोहराते रहें।

अगर व्यक्ति बेहोश हो जाए, तो तुरंत स्थानीय इमरजेंसी मेडिकल सर्विस को कॉल करें। उसे सुरक्षित और समतल जगह पर लिटाकर सीपीआर शुरू करें, अगर आप प्रशिक्षित हैं। मुंह में उंगली डालकर फंसी वस्तु निकालने की कोशिश न करें। केवल वही वस्तु निकालें जो साफ दिखाई दे और आसानी से पकड़ी जा सके।

गर्भवती महिला या ऐसे व्यक्ति, जिसके पेट के चारों ओर हाथ नहीं पहुंच पा रहे हों, में पेट पर झटके देने की जगह सीने पर झटका देने की जरूरत हो सकती है। एक साल से कम उम्र के शिशु में पेट पर झटके नहीं दिए जाते; उनके लिए अलग फर्स्ट एड तकनीक अपनाई जाती है।

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