भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी ताजा मासिक बुलेटिन के अनुसार, केंद्रीय बैंक ने फरवरी के महीने में हाजिर मुद्रा बाजार से शुद्ध रूप से ७.४१ अरब डॉलर की खरीदारी की है। सकल आधार पर देखें तो आरबीआई ने इस दौरान २१.४० अरब डॉलर खरीदे और १३.९९४ अरब डॉलर बेचे। महत्वपूर्ण बात यह है कि लगातार सात महीनों तक विदेशी मुद्रा की शुद्ध बिक्री करने के बाद, यह लगातार दूसरा महीना है जब केंद्रीय बैंक ने शुद्ध खरीदारी की है। इससे पहले जनवरी में भी आरबीआई ने २.५३ अरब डॉलर की शुद्ध खरीदारी की थी, जो बाजार में स्थिरता और डॉलर के प्रवाह को संतुलित करने के प्रयासों को दर्शाता है।
बुलेटिन के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल जून से लेकर दिसंबर तक केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा की शुद्ध बिक्री की थी। आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में १०.०२ अरब डॉलर, नवंबर में ९.७१ अरब डॉलर, अक्टूबर में ११.८८ अरब डॉलर, सितंबर में ७.९१ अरब डॉलर, अगस्त में ७.६९ अरब डॉलर, जुलाई में २.५४ अरब डॉलर और जून में ३.६६ अरब डॉलर की शुद्ध बिक्री की गई थी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी में की गई यह बड़ी खरीदारी विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने और रुपये की विनिमय दर में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने की आरबीआई की रणनीति का हिस्सा है।
