राज्य में मानसून के लौटने के बाद अब बारिश के अंतिम आंकड़े सामने आ चुके हैं और सितंबर के महीने में भले ही ठीकठाक बारिश हुई हो, लेकिन पूरे मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में सामान्य से 32 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार एक जून से 30 सितंबर तक राज्य में सामान्य रूप से होने वाली 992.2 मिमी वर्षा की तुलना में इस बार केवल 678.4 मिमी वर्षा ही दर्ज हो सकी और राज्य के 37 जिलों में सामान्य से कम बारिश देखने को मिली जिसमें शिवहर जिला 54 प्रतिशत की सबसे बड़ी गिरावट के साथ सबसे ऊपर रहा। इस मानसूनी सीजन में केवल अरवल और औरंगाबाद ही ऐसे जिले रहे जहां सामान्य से चार प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि इसके विपरीत बक्सर में पांच प्रतिशत, सिवान में चार प्रतिशत, लखीसराय में आठ प्रतिशत और खगड़िया में एक प्रतिशत की मामूली कमी दर्ज की गई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार इस बार मानसून ट्रफ का असर कम होने और बारिश वाले वेदर सिस्टम के पूरी तरह मजबूत न हो पाने की वजह से सामान्य से काफी कम वर्षा हुई क्योंकि बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवाती या निम्न दबाव के सिस्टम बिहार पहुंचने से पहले ही कमजोर हो गए और आसमान में घने बादलों की कमी बनी रही। इसके अलावा कई चरणों में मानसून ट्रफ की स्थिति बिहार की जगह मध्य भारत की ओर बनी रही जिससे पूरे राज्य में व्यापक और भारी बारिश की स्थिति देखने को नहीं मिली और मानसून सत्र के दौरान पटना समेत अन्य जिलों में हुई इस पूरी वर्षा पर प्रभात रंजन की यह विशेष रिपोर्ट सामने आई है।
