टाटा एजुकेशन एक्सीलेंस प्रोग्राम (टीईईपी 2.0) के अंतर्गत 21वीं सदी के कौशलों के प्रभावी कार्यान्यव के भाग के रूप में गुलमोहर हाई स्कूल ने स्मार्ट डिजिटल सिटिजनशिप प्रोग्राम का सफल आयोजन किया. यह कार्यक्रम डिजिटल लिटरेसी स्किल्स के अंतर्गत एक गतिशील व भविष्य उन्मुख पहल के रूप में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों को आज के जटिल डिजिटल परिवेश में सुरक्षित और जिम्मेदारी से कार्य करने के लिए आवश्यक जागरूकता, कौशल और दृष्टिकोण प्रदान करना था।
ककार्यक्रम में डिजिटल जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई, जिनमें ऑनलाइन प्राइवेसी, पासवर्ड सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी की पहचान, डिजिटल फुटप्रिंट्स की समझ तथा ऑनलाइन ग्रूमिंग जैसे संवेदनशील विषय शामिल थे. साथ ही छात्रों को यह भी समझाया गया कि अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉम्र्स पर व्यक्तिगत डेटा किस प्रकार एकत्रित व उपयोग किया जाता है. इंटरएक्टिव गतिविधियों, वास्तविक जीवन से जुड़े उदाहरणों और अनुभवात्मक शिक्षण के माध्यम से छात्रों को तार्किक सोच विकसित करने, जानकारी पर प्रश्न उठाने और डिजिटल दुनिया में जिम्मेदारीपूर्ण निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया गया।
इस सत्र का संचालन शिक्षकों विपुल कुमार एवं सुमीत सेन द्वारा किया गया, जबकि छात्र संयोजकों अक्षत सरकार, सहर्ष कुमार, अमृत कुमार सिंह, आराध्य अभिज्ञान, आदर्श कुमार और आरुष—ने उत्साहपूर्वक इसमें सक्रिय भागीदारी निभायी. पासवर्ड लैब, फ्रॉड रडार और ऑनलाइन सेफ्टी अवेयरनेस जैसी गतिविधियों ने सीखने की प्रक्रिया को रोचक, सहज और प्रभावशाली बनाया, साथ ही यह संदेश भी सुदृढ़ किया कि डिजिटल सुरक्षा जागरूक एवं सजग व्यवहार से ही संभव है। इस कार्यक्रम में 17 स्कूलों (16 अंग्रेज़ी माध्यम एवं 1 हिंदी माध्यम) के 85 छात्र एवं 17 शिक्षकों ने भाग लिया, जो विभिन्न विद्यालयों के बीच सहयोग और डिजिटल जागरूकता के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
