मेक्सिको ने फीफा विश्व कप दो हजार छब्बीस में अपने लगातार दूसरे ग्रुप मैच में दक्षिण कोरिया को एक-शून्य से हराकर टूर्नामेंट के अंतिम सोलह यानी नॉकआउट दौर में जगह बनाने वाली दुनिया की पहली टीम बनने का गौरव हासिल कर लिया है। इस बेहद रोमांचक और कड़े मुकाबले का एकमात्र और निर्णायक गोल मैच के साठवें मिनट में मेक्सिको के स्टार फॉरवर्ड सैंटियागो जिमेनेज ने दागा। उन्होंने विंगर हिरविंग लोज़ानो द्वारा दाईं ओर से दिए गए एक बेहतरीन और सटीक क्रॉस को हेडर के जरिए सीधे नेट में धकेल कर अपनी टीम को यह ऐतिहासिक बढ़त दिलाई। इस जीत के साथ ही ग्रुप-ए में मेक्सिको के अब कुल छह अंक हो गए हैं, जिसने उन्हें तालिका में शीर्ष पर पहुंचा दिया है।
इस महत्वपूर्ण जीत के बाद मेक्सिको के मुख्य कोच जेवियर एगुइरे ने अपनी टीम के जुझारू प्रदर्शन की जमकर सराहना की और इसे देश के फुटबॉल इतिहास का एक बेहद गर्व का क्षण बताया। दूसरी ओर, इस हार के बाद दक्षिण कोरिया की नॉकआउट में पहुंचने की राह अब बेहद कठिन हो गई है, क्योंकि अपने पहले मैच में मोरक्को के साथ गोलरहित ड्रॉ खेलने के बाद उनके पास केवल एक अंक है। दक्षिण कोरिया के कप्तान और स्टार खिलाड़ी सोन ह्युंग-मिन ने मैच के अंतिम पलों में गोल करने के कुछ बेहतरीन प्रयास किए, लेकिन मेक्सिको के मजबूत रक्षा कवच और गोलकीपर गुइलेर्मो ओचोआ के शानदार बचावों ने उनके हर हमले को नाकाम कर दिया। अब दक्षिण कोरिया को अगले दौर की रेस में बने रहने के लिए आगामी तेईस जून को होने वाले अपने अंतिम ग्रुप मैच में कनाडा के खिलाफ हर हाल में बड़ी जीत दर्ज करनी होगी।
