जमशेदपुर एफसी ने भारतीय फुटबॉल में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार एआईएफएफ फाइव-स्टार अकादमी मान्यता प्राप्त की है। 2026-27 सत्र के लिए क्लब को यह सर्वोच्च अकादमी रेटिंग मिली है, जिससे वह देश के चुनिंदा शीर्ष फुटबॉल अकादमियों में शामिल हो गया है। एआईएफएफ की यह मान्यता आयु वर्ग की टीमों के प्रदर्शन, तकनीकी स्टाफ, प्रतिभा खोज, खिलाड़ियों के दीर्घकालिक विकास, प्रशिक्षण सुविधाओं, मेडिकल सपोर्ट, ग्रासरूट कार्यक्रम, प्रशासनिक व्यवस्था और खेल विकास जैसे मानकों के आधार पर दी जाती है।
जमशेदपुर एफसी की युवा टीमों ने इस सीजन शानदार प्रदर्शन किया। क्लब की अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-18 टीमें एआईएफएफ यूथ लीग के फाइनल राउंड में पहुंचीं, जबकि अंडर-18 टीम ने एआईएफएफ एलीट यूथ लीग के क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया। क्लब ने जमीनी स्तर पर फुटबॉल को बढ़ावा देने के लिए देश की सबसे लंबे समय तक चलने वाली एआईएफएफ ब्लू कब्स लीग ‘जमशेदपुर सुपर लीग’ का सफल आयोजन भी किया। इससे सैकड़ों युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
जमशेदपुर एफसी की अकादमी से निकले खिलाड़ी निखिल बरला हाल ही में भारतीय सीनियर टीम के लिए पदार्पण कर चुके हैं, जबकि हीरांगनबा सेराम ने एएफसी अंडर-17 एशियन कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। क्लब की नई अंडर-14 टीम पूरी तरह झारखंड के खिलाड़ियों से बनाई गई है। क्लब के सीईओ मुकुल चौधरी ने कहा कि फाइव-स्टार अकादमी का दर्जा मिलना क्लब के लिए गर्व की बात है। यह ग्रासरूट स्तर से राष्ट्रीय टीम तक खिलाड़ियों को तैयार करने की उनकी मजबूत व्यवस्था की पुष्टि करता है। उन्होंने कहा कि क्लब झारखंड की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा।
