टाटा स्टील डाउनस्ट्रीम प्रोडक्ट्स लिमिटेड (टीएसडीपीएल) प्रबंधन और टीएसडीपीएल इम्प्लॉयीज यूनियन के बीच करीब 33 माह से लंबित ग्रेड रिवीजन समझौते पर मंगलवार को सहमति बन गई। यह समझौता सात वर्षों के लिए किया गया है, जिससे करीब 550 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
समझौते के तहत कर्मचारियों के कैश-इन-हैंड में 12,200 रुपये से 14,400 रुपये तक तथा सीटीसी में 18,200 रुपये तक की बढ़ोतरी होगी। ग्रेड रिवीजन 1 अक्टूबर 2023 से प्रभावी माना जाएगा। कर्मचारियों को 33 माह का एरियर अगस्त माह में एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।
समझौते में कर्मचारियों के एमजीबी में 6,400 रुपये की वृद्धि, एचआरए में 10 प्रतिशत तथा कंटीजेंसी भत्ते में 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा वॉशिंग अलाउंस 1,000 से बढ़ाकर 1,400 रुपये, नाइट शिफ्ट अलाउंस 80 से 108 रुपये, एजुकेशन अलाउंस 1,700 से 2,500 रुपये तथा कन्वेयंस अलाउंस 2,000 से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया गया है।
समझौते के अनुसार कर्मचारियों के वेतन में जुलाई 2026 से 2,000 रुपये, जुलाई 2027 से 1,000 रुपये तथा जुलाई 2028 से 1,000 रुपये की अतिरिक्त वृद्धि होगी। इस तरह तीन वर्षों में वेतन में कुल 4,000 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी होगी। वहीं, ग्रेड रिवीजन के दायरे से बाहर रहने वाले न्यू सीरीज ग्रेड के कर्मचारियों के वेतन में भी 4,000 रुपये तक की वृद्धि की गई है।
समझौते में कर्मचारियों के पुत्रों के नियोजन, अवकाश, इंसेंटिव बोनस, डीए, कर्मचारी कल्याण योजनाओं के विस्तार, मेडिक्लेम राशि को 1.50 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने तथा 25 लाख रुपये के टर्म इंश्योरेंस में प्रबंधन और यूनियन की 50-50 प्रतिशत सहभागिता पर भी सहमति बनी।
समझौता पत्र पर प्रबंधन की ओर से प्रबंध निदेशक जगजीत सिंह, वाइस प्रेसिडेंट अविनाश मेहता, सीएचआरओ करण लखानी, सीएफओ मनोज कुमार समेत अन्य अधिकारियों तथा यूनियन की ओर से अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय, महामंत्री त्रिदेव सिंह सहित पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर किए।
यूनियन ने इसे कर्मचारियों के आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक हितों की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार के साथ औद्योगिक सौहार्द और श्रमिक-प्रबंधन संबंधों को भी नई मजबूती मिलेगी।
